हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में जिले के कई विधायकों के मंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे थे। मंत्रिमंडल में किसी को स्थान नहीं मिला है। वहीं सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के समर्थकों में भी मायूसी है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जनपद के कई भाजपा विधायकों के नाम मंत्री बनाए जाने की रेस में शामिल थे। पार्टी के भीतर और बाहर भी इस बात की उम्मीदें लगाई जा रही थी कि जिले से किसी चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। विश्लेषकों का मानना था कि क्षेत्रीय संतुलन और ब्रज क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने के लिए पार्टी मथुरा से कम से कम एक और चेहरे को मंत्री बना सकती है। इनमें सबसे आगे विधायक श्रीकांत शर्मा, मांट विधायक राजेश चौधरी और अनुसूचित जाति के नेता विधायक पूरन प्रकाश और सहयोगी दल रालोद के एमएलसी योगेश नौहवार का नाम शामिल था। विश्लेषकों के सारे समीकरण फेल हो गए। मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व न मिलने से संबंधित जनप्रतिनिधियों के समर्थकों में मायूसी छाई हुई है। एक विधायक पहले से ही कैबिनेट का हिस्सा विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल में जिले से एक विधायक पहले से ही कैबिनेट का हिस्सा हैं। क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को देखते हुए हाईकमान ने फिलहाल जिले या क्षेत्र से दो या तीन मंत्री बनाने से परहेज किया है। यही कारण रहा कि कई वरिष्ठ विधायकों और दिग्गजों के नाम रेस में होने के बावजूद मथुरा की झोली खाली रही।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
