हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रिश्ते में भाई की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2012 में फैंचरी जैंत निवासी युवक को अभियुक्त ने अपने साथ ले जाकर कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था। शव दस दिन बाद पुलिस ने चुरमुरा के जंगल से बरामद किया था। अदालत ने सजा सुनाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया। फैंचरी निवासी जितेन्द्र उर्फ जीतू 9 नवंबर 2012 को गायब हो गया था। उसके पिता रामजीत ने जैंत थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन का शक अपने ही रिश्तेदार हरिओम उर्फ हैप्पी निवासी पालीडूंगरा मगोर्रा तथा एक अन्य नाबालिग पर गया। पुलिस ने इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो दोनाें ने जीतू की कुल्हाड़ी से हत्या किया जाना कबूल किया। पुलिस को वारदात के दस दिन बाद 20 नवंबर 2012 को जितेन्द्र का शव चुरमुरा के जंगल से मिला। दोनों आरोपियों को हत्या के आरोप में पुलिस ने न केवल जेल भेजा बल्कि चार्जशीट भी दाखिल की। केस की सुनवाई एडीजे-सप्तम संजय चौधरी की अदालत में हुई। न्यायालय ने हरिओम को 27 अप्रैल को ही दोषी करार देकर जेल भेज दिया। शुक्रवार को अदालत ने निर्णय देते हुए हरिओम को कठोर आजीवन कारावास तथा सात हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी महेश चंद्र गौतम ने बताया कि वारदात में एक नाबालिग भी शामिल था, जिसकी फाइल नाबालिग होने के कारण अलग कर दी गई थी। परिजन के हरिओम पर शक का कारण पड़ोसी द्वारा दी गई जानकारी थी, जिसमें उसने बताया कि जितेन्द्र को हरिओम और नाबालिग मोटरसाइकिल पर टाउनशिप की तरफ ले गए थे।
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Author: Vijay Singhal
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