हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सूचना का अधिकार अधिनियम की इन दिनों शिक्षा विभाग द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रधानाचार्य तो छोड़िए, खुद जिला विद्यालय निरीक्षक भी आरटीआई के माध्यम से मांगी जा रही सूचनाओं को देने से बच रहे हैं। इसके चलते उप्र प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त ने हाल ही में जिले की जिला विद्यालय निरीक्षक एवं दो महिला प्रधानाचार्यों पर जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि उनके वेतन से काटकर जमा की जाएगी। एक साथ तीन अधिकारियों पर जुर्माना लगने से विभाग में चर्चाओं का दौर जारी है। राज्य सूचना आयोग ने डीआईओएस भास्कर मिश्रा पर सूचनाएं समय पर न देने पर आयुक्त ने 25000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। उप्र माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के प्रदेश महामंत्री मुकेश सिंह सिकरवार ने चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज से संबंधित डीआईओएस से सूचनाएं मांगी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। सूचनाएं डीआईओएस कार्यालय से संबंधित होने के बाद भी चंपा अग्रवाल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भेजा गया जबकि नियमानुसार सुनवाई में डीआईओएस को स्वयं या अपने कार्यालय से ही किसी प्रतिनिधि को भेजना था। इसके चलते डीआईओएस पर जुर्माना लगाया गया है। वहीं, राज्य सूचना आयुक्त ने जानकी बाई कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या अनीता गौतम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शिकायतकर्ता पूनम बघेल का आरोप है कि प्रवक्ता अर्थशास्त्र की पदोन्नति की पत्रावली लंबित रहते हुए भी षड्यंत्र के तहत तथ्यों का गोपन करते हुए प्रधानाचार्य ने सीधी भर्ती का अधियाचन विद्यालय से भेज दिया। पीड़ित पक्ष ने आरटीआई के तहत प्रधानाचार्य एवं डीआईओएस कार्यालय से सूचना मांगी, उन्हें सूचनाएं नहीं दी गई। आयोग ने प्रधानाचार्य के वेतन में से जुर्माने की राशि काटने व सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। वहीं, महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज सौंख की प्रधानाचार्या पर भी सूचनाएं न देने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। राजेश आर्य एडवोकेट ने उनसे नवंबर 2022 में आरटीआई के तहत कुछ सूचनाएं मांगी थीं।
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Author: Vijay Singhal
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