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प्राचीन गोकुलानंद मन्दिर में श्रीपुरुषोत्तम मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत हुआ महारास का आयोजन

ByVijay Singhal

Aug 14, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में नगर के प्राचीन सप्त देवालयों में से एक ठाकुर श्रीगोकुलानंद मन्दिर में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में सप्त दिवसीय श्रीपुरुषोत्तम मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत श्रीपुरुषोत्तम सती आराधन श्रृंखला का आयोजन अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ किया जा रहा है।जो कि 16 अगस्त पर्यंत चलेगा।इस महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर श्रीविजय गोविन्द लाल महाराज के उत्सव से सम्बन्धित विशेष झांकी के झांकी व श्रृंगार दर्शन, भोग एवं समाज गायन आदि के कार्यक्रम विश्वविख्यात ठाकुर श्रीराधारमण मन्दिर के सेवायत वैष्णवाचार्य श्रीवत्स गोस्वामी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित किए जा रहे हैं।अभी तक नंदोत्सव, राई राजा उत्सव व महारास के विशेष उत्सव सम्पन्न हो चुके हैं। प्रख्यात अध्यात्म गुरु वैष्णवाचार्य श्रीवत्स गोस्वामी महाराज ने कहा कि महारास श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रमुख आख्यान है।जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने असंख्य ब्रजगोपियों के मनोरथ को पूर्ण करने व कामदेव के अभिमान को नष्ट करने के लिए महारास की दिव्य लीला की थी।जिसका दर्शन करने के लिए अनेकों तमाम देवी-देवता आकाश पर छाए रहे थे। इस अवसर पर श्रीमती संध्या गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी,अभिनव गोस्वामी, आस्था गोस्वामी,जुगल किशोर शर्मा, भरत शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, जगन्नाथ पोद्दार, डॉ. राधाकांत शर्मा, योगेश अग्रवाल, उदयन शर्मा, नीरजा शर्मा, सुरेशचंद्र अग्रवाल आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736