हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्री रंगनाथ मंदिर में ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं रेवती नक्षत्र के पुण्य संयोग पर पारंपरिक ज्येष्ठाभिषेक महोत्सव का आयोजन किया गया। ठाकुर गोदारंगमन्नार को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए यह महाभिषेक वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। उत्सव का शुभारंभ प्रातः 10 बजे वेदपाठी विद्वानों के मंत्रोच्चार के साथ हुआ। सर्वप्रथम 81 रजत कलशों को नौ-नौ की कतारों में स्थापित कर देश की पवित्र नदियों का आह्वान किया गया। अगम पंचरात्र परंपरा के अंतर्गत गो दुग्ध, दही, घृत, मधु, शर्करा तथा इत्रयुक्त पंचगव्य से अभिषेक की शुरुआत हुई। इसके उपरांत ठाकुरजी का अभिषेक केसर, कपूर, नवांग हल्दी, चंदन, विविध जड़ी-बूटियों से मिश्रित जल तथा फल रस और आम रस से किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग तीन घंटे तक जलाभिषेक अनवरत चलता रहा। वेदपाठी विद्वानों द्वारा श्री सूक्त, पुरुष सूक्त, वेंकटेश स्तोत्र, गुरुपरंपरा स्तोत्र और श्री वरद वल्लभ स्तोत्र के सस्वर पाठ से वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। अभिषेक पश्चात ठाकुरजी को नवीन वस्त्र और आभूषण धारण कराए गए और कुंभ आरती के साथ विशेष पूजा संपन्न हुई। महोत्सव का समापन आम्राभिषेक प्रसाद के वितरण के साथ हुआ, जिसे पाकर भक्तगण आत्मविभोर हो उठे। मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्यता प्रदान की।
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Author: Vijay Singhal
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