हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। फरह स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड ब्रज क्षेत्र में पारिस्थितिकी और जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध और अनूठा केंद्र बनकर उभरा है। आज 22 मई अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के मौके पर सामने आए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और क्षेत्रीय अध्ययनों के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और वन विभाग के संरक्षण में विकसित हो रही यह आर्द्रभूमि (वेटलैंड) अब सेंट्रल एशियन फ्लाईवे के अंतर्गत आने वाले विदेशी और स्थानीय प्रवासी पक्षियों के लिए एक विश्राम स्थल (स्टॉप ओवर) बन चुकी है। बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी के ईकोलॉजिस्ट डाॅ. केपी सिंह ने बताया कि जोधपुर झाल पर पूरे वर्ष पानी की उपलब्धता, पोषक तत्वों की प्रचुरता और विविध माइक्रो-हैबिटेट्स (सूक्ष्म आवास) मौजूद हैं। यही वजह है कि मई के उच्च तापमान वाले महीने में भी यहां जलीय और तटीय पक्षियों का मेला लगा हुआ है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा के अनुसार जोधपुर झाल वेटलैंड पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी, पक्षीविज्ञान, संरक्षण जीवविज्ञान और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं सिटी फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर अतुल तिवारी ने बताया कि वन विभाग इस वेटलैंड का वैज्ञानिक संरक्षण, सतत प्रबंधन और दीर्घकालिक मॉनिटरिंग कर रहा है। इस वेटलैंड में पक्षियों और जलीय जीवों के अलावा बड़े स्तनधारी जीवों का संसार बसता है।
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Author: Vijay Singhal
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