हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में एडवांस कंप्यूटिंग पढ़ाने के लिए शिक्षकों को तीन माह पहले प्रशिक्षण दिया गया है। मगर, जिले के 80 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर ही नहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थी बिना कंप्यूटर के आखिर किस तरह कोडिंग और प्रोग्रामिंग की पढ़ाई करेंगे। परिषदीय स्कूलों के छात्रों को कंप्यूटर में माहिर बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल में ही अपने पाठ्यक्रम में संशोधन किया था। पाठ्यक्रम में स्टेप बाय थिंकिंग, लॉजिकल थिंकिंग, कोडिंग आदि जोड़ा गया था। इनको पढ़ने के लिए डायट के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। हाल में ही आई प्रथम वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार अभी भी प्रदेश में 89.1 फीसदी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें बच्चों के इस्तेमाल करने के लिए कंप्यूटर नहीं हैं। 7.7 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर तो उपलब्ध हैं, मगर उनका बच्चे कोई उपयोग ही नहीं कर रहे हैं। केवल 3.2 फीसदी स्कूलों में ही बच्चों के उपयोग में कंप्यूटर आ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि बिना कंप्यूटर के बच्चे कोडिंग, प्रोग्रामिंग आदि की पढ़ाई कैसे करेंगे। बीएसए सुनील दत्त का कहना है कि राजकीय और एडेड और वित्तविहीन स्कूलों से समन्वय स्थापित कर छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
