• Tue. May 5th, 2026

रक्षाबंधन पर 18 साल बाद महासंयोग

ByVijay Singhal

Aug 14, 2024
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रक्षाबंधन पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार 18 साल बाद श्रवण नक्षत्र के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, रवि, शोभन योग बन रहा है। हालांकि सुबह से लेकर दोपहर तक भद्राकाल है। ऐसे में बहनें दोपहर बाद ही राखी बांधें।
ज्योतिषाचार्य पंडित अजय तैलंग ने बताया कि पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन का पर्व बहनों के लिए बेहद खास है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। रक्षाबंधन पर्व पर 18 साल के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इन योगों में राखी बांधने से रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। हालांकि इस दिन दोपहर तक भद्राकाल का साया भी रहेगा। ऐसे में राखी बांधने का सही समय दोपहर बाद है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 5 बजकर 53 मिनट से आरंभ होकर दोपहर 1 बजकर 32 मिनट रहेगी। इसके बाद ही बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधे। भद्रा काल में राखी बांधना निषेध होता है। इससे भाई की आयु कम होती है। बल्लव संप्रदाय से जुड़े लोग शाम 4.55 से 6.56 बजे तक मंदिरों में भगवान को प्रदोष काल के समय भोग, संध्या आरती करें। इसके बाद बहनों के भाइयों को राखी बांधने का विधान है। पंचांग के अनुसार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त दोपहर 1.33 से लेकर रात 9.07 तक रहेगा। महासंयोग के इस शुभ मुहूर्त में बहनें भाइयों को राखी बांध सकती हैं। राखी बंधवाने के बाद भाई को अपनी बहनों के चरण स्पर्श करने चाहिए। इसके साथ ही रक्षा बंधन का मंत्र(येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि ,रक्षे माचल माचल:।) भी बोलना चाहिए।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

100% LikesVS
0% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.