हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन में चौथे दिन रविवार को भी गंगाजल की आपूर्ति ठप रही। नगर के डेंपियर नगर सहित नगर निगम के 12 से अधिक वार्डों में पेयजल आपूर्ति नहीं मिली। इससे तीन लाख से अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुलंदशहर के पालड़ा झाल से पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों रविवार को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
बुलंदशहर की अपर गंगा कैनाल से पालड़ा झाल के बीच बैराज पर लगी प्लेट गलकर टूटने से सैडीमेंटेशन टैंक तक गंगाजल नहीं पहुंचा। नतीजा, मथुरा को चार दिनों से गंगाजल नहीं मिला है और लोग पेयजल को तरस रहे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा प्लेट की मरम्मत कर शुक्रवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे गंगाजल मथुरा की ओर छोड़ा गया और उम्मीद हुई कि शनिवार तक मथुरा को गंगाजल की आपूर्ति मिलेगी, लेकिन दबाव से प्लेट फिर टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। आगरा से जल निगम की टीम बुलंदशहर पालड़ा झाल पहुंची और प्लेट की मरम्मत का कार्य किया। इसके बाद शनिवार शाम करीब सात बजे पालड़ा झाल से करीब 60 क्यूसेक गंगाजल छोड़ा गया है। रविवार शाम तक मथुरा में गंगाजल आ सकता है लेकिन लोगों को यह सोमवार सुबह ही मिल सकेगा क्योंकि रात में घरों में पानी की आपूर्ति नहीं की जाती है।। वहीं नगर निगम के वार्ड 42, 44, 46, 47, 17, 61, 63, 43 के साथ ही नगर के डेंपियर नगर, झिंगुरपुरा, नए बस स्टेंड क्षेत्र, कृष्णविहार, महोली रोड, गुरुनानक नगर, भरतपुरगेट, मानिक चौक और गजापाइसा, नीम गली, लाला गंज, बजरिया, कांजीपाड़ा, मोती कुंज, सौंख रोड आदि क्षेत्रों में लोगों पेयजल का सबसे ज्यादा संकट झेल रहे हैं। जलकल विभाग द्वारा 30 टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की, लेकिन पेयजल संकट की समस्या बनी रही। लोग जार और बर्तनों से अन्य क्षेत्रों से पानी भर कर ला रहे थे तो कुछ लोगों ने पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझाई। दिनभर महिलाएं व बच्चे पीने के पानी के लिए बाल्टी और बर्तन लेकर आसपास के क्षेत्रों से पानी जुटाते नजर जाए। नगर निगम के एक्सईएन जल रामकैलाश ने बताया कि बैराज की प्लेट दोबारा टूट जाने से आपूर्ति नहीं हो सकी। 150 क्यूसेक पानी के सापेक्ष 60 क्यूसेक पानी मथुरा के लिए छोड़ा गया है। सोमवार सुबह तक आपूर्ति मिलने की संभावना है।
बुलंदशहर की अपर गंगा कैनाल से पालड़ा झाल के बीच बैराज पर लगी प्लेट गलकर टूटने से सैडीमेंटेशन टैंक तक गंगाजल नहीं पहुंचा। नतीजा, मथुरा को चार दिनों से गंगाजल नहीं मिला है और लोग पेयजल को तरस रहे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा प्लेट की मरम्मत कर शुक्रवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे गंगाजल मथुरा की ओर छोड़ा गया और उम्मीद हुई कि शनिवार तक मथुरा को गंगाजल की आपूर्ति मिलेगी, लेकिन दबाव से प्लेट फिर टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। आगरा से जल निगम की टीम बुलंदशहर पालड़ा झाल पहुंची और प्लेट की मरम्मत का कार्य किया। इसके बाद शनिवार शाम करीब सात बजे पालड़ा झाल से करीब 60 क्यूसेक गंगाजल छोड़ा गया है। रविवार शाम तक मथुरा में गंगाजल आ सकता है लेकिन लोगों को यह सोमवार सुबह ही मिल सकेगा क्योंकि रात में घरों में पानी की आपूर्ति नहीं की जाती है।। वहीं नगर निगम के वार्ड 42, 44, 46, 47, 17, 61, 63, 43 के साथ ही नगर के डेंपियर नगर, झिंगुरपुरा, नए बस स्टेंड क्षेत्र, कृष्णविहार, महोली रोड, गुरुनानक नगर, भरतपुरगेट, मानिक चौक और गजापाइसा, नीम गली, लाला गंज, बजरिया, कांजीपाड़ा, मोती कुंज, सौंख रोड आदि क्षेत्रों में लोगों पेयजल का सबसे ज्यादा संकट झेल रहे हैं। जलकल विभाग द्वारा 30 टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की, लेकिन पेयजल संकट की समस्या बनी रही। लोग जार और बर्तनों से अन्य क्षेत्रों से पानी भर कर ला रहे थे तो कुछ लोगों ने पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझाई। दिनभर महिलाएं व बच्चे पीने के पानी के लिए बाल्टी और बर्तन लेकर आसपास के क्षेत्रों से पानी जुटाते नजर जाए। नगर निगम के एक्सईएन जल रामकैलाश ने बताया कि बैराज की प्लेट दोबारा टूट जाने से आपूर्ति नहीं हो सकी। 150 क्यूसेक पानी के सापेक्ष 60 क्यूसेक पानी मथुरा के लिए छोड़ा गया है। सोमवार सुबह तक आपूर्ति मिलने की संभावना है।
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Author: Vijay Singhal
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