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निशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण का किया शुभारंभ

ByVijay Singhal

Jan 13, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महाविद्यालय के अंतर्गत उन्नति फाउंडेशन (इंफोसिस) बेंगलुरु द्वारा 30 दिवसीय निशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिसमे एमएससी, बीएससी, बी कॉम, बी ए तथा बी बी ए के 70 छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपना नाम दर्ज कराया तथा 30 दिन प्रशिक्षण पूर्ण करने का प्रण लिया है।
कौशल विकास भारत की विकास गाथा में निर्णायक तत्व बनने जा रहा है। देश में मौजूद कौशल अंतर को पाटने का काम सरकार अकेले पूरा नहीं कर सकती। सरकार, निजी कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों का सहयोगात्मक प्रयास समय की मांग है।
बीएसए पीजी कॉलेज मथुरा के अंतर्गत उन्नति फाउंडेशन (इंफोसिस) बेंगलुरु  के साथ गठजोड़ किया है, जो 100% प्लेसमेंट के साथ कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 30-दिवसीय कार्यक्रम प्रदान करता है। इसका उद्देश्य देश के वंचित युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवर्तन कार्यक्रमों के साथ सशक्त बनाना है ताकि उन्हें स्थिर रोजगार सुरक्षित करने में मदद मिल सके।
उन्नति फाउंडेशन बीएसए डिग्री कॉलेज के सहयोग से वंचित, बेरोजगार और आर्थिक रूप से पिछड़े योग्य छात्रों का चयन और प्रायोजक कर रहा है।
दीपप्रज्जवलित कर प्रशिक्षण का शुभारम्भ करते हुए प्राचार्य डॉ ललित मोहन शर्मा जी ने कम्युनिकेशन और रोजगार के विषयों से संबंधित विषयों की विद्यार्थियों को जानकारी दी। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ एस के रॉय, डॉ वी पी राय डॉ यू के त्रिपाठी ,डॉ रवीश शर्मा, डॉ अशोक कौशिक , डॉ राजीव वार्ष्णेय ,डॉ संघर्ष राठौर, डॉ रश्मि अग्रवाल,डॉ बी के गोस्वामी एवं महाविद्यालय  शिक्षणेत्तर कर्मचारी कर्मचारी जी के यादव, रामकिशन, नीरज कुमार ,संजय द्विवेदी, गोविंद गीतम,अमित बीनू आदि मौजूद रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736