हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में मुक्ति कहें गोपाल से मेरी मुक्ति बताएं, ब्रजरज मस्तक लगे तो मुक्ति मुक्त है जाय.. यही भावना लेकर पहुंचने वाले भक्त गुरु पुर्णिमा (मुड़िया मेला) में अपना मत्था नहीं टेक पाएंगे। हर बार की तरह इस बार भी भीड़ की अधिकता के चलते दंडवती परिक्रमा पर रोक लगा दी गई है।
परिक्रमार्थी भक्त अपनी परिक्रमा लेटकर व मत्था टेककर शुरू करते हैं। लेकिन मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भक्तों से दंडवती न करने का अनुरोध करते नजर आते हैं। बताते चलें कि गिरिराज जी के भक्तों की श्रद्धा रहती है कि वे अपने आराध्य की आराधना दंडवती परिक्रमा करके पूरी करें। इसलिए दानघाटी मंदिर परिक्रमा के शुरुआती पड़ाव से एक से सात बार तक दंडवती करने के बाद पैदल परिक्रमा शुरू की जाती है। वहीं मुड़िया मेला में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को स्पष्ट दिशा निर्देश दिए जाते हैं कि वे श्रद्धालुओं को दंडवती न करने दें और परिक्रमा में चलते रहो की रणनीति अपनाएं। भीड़ रुकने की स्थिति में दिक्कत पैदा हो सकती है।
परिक्रमार्थी भक्त अपनी परिक्रमा लेटकर व मत्था टेककर शुरू करते हैं। लेकिन मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भक्तों से दंडवती न करने का अनुरोध करते नजर आते हैं। बताते चलें कि गिरिराज जी के भक्तों की श्रद्धा रहती है कि वे अपने आराध्य की आराधना दंडवती परिक्रमा करके पूरी करें। इसलिए दानघाटी मंदिर परिक्रमा के शुरुआती पड़ाव से एक से सात बार तक दंडवती करने के बाद पैदल परिक्रमा शुरू की जाती है। वहीं मुड़िया मेला में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को स्पष्ट दिशा निर्देश दिए जाते हैं कि वे श्रद्धालुओं को दंडवती न करने दें और परिक्रमा में चलते रहो की रणनीति अपनाएं। भीड़ रुकने की स्थिति में दिक्कत पैदा हो सकती है।
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Author: Vijay Singhal
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