हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन से गोकुल तक यमुना में क्रूज चलाने की योजना विरोध के चलते सफल नहीं हो सकी। पिछले दो साल से केसी घाट पर चलने के इंतजार में खड़ा क्रूज और छोटी मोटरबोट देखरेख के अभाव में कबाड़ हो गईं हैं। केसी घाट पर इनके खड़े होने से जहां गंदगी हो रही है वहीं यमुना किनारे मार्ग भी बाधित हो रहा है। मई 2024 में मथुरा क्रूज लाइन एजेंसी द्वारा वृंदावन में क्रूज लाया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से क्रूज को वृंदावन से गोकुल के बीच चलाने की योजना बनाई गई। क्रूज का एक माह तक ट्रायल चला। वृंदावन के घाटों के बीच क्रूज का संचालन होने पर स्थानीय नाविकों के विरोध के कारण इसका संचालन बंद हो गया। क्रूज में आई तकनीकि खामियों और इसके संचालन में आ रही बाधाओं को देखते हुए धार्मिक मान्यताओं के चलते एजेंसी ने 11 दिसंबर 2024 को क्रूज का नाम गरुड़ से बदलकर ब्रज रथ कर दिया। इसके बाद फिर से एजेंसी ने ट्रायल कर एक बार फिर से यमुना में क्रूज के चलाने की कवायद की लेकिन नाविकों के विरोध के कारण फिर से क्रूज का संचालन बंद करना पड़ा, तभी से क्रूज और उसके साथ चलने वाली मोटर बोट केसी घाट पर नदी किनारे खड़ी हैं। वर्तमान में क्रूज के ऊपर लगी फाइबर की छत व खिड़कियां टूट गईं हैं। क्रूज के अंदर का हिस्सा बचा रहे इसके लिए खिड़कियों को मैट से ढक दिया गया है। क्रूज का निचला हिस्सा भी गल कर क्षतिग्रस्त हो गया है। यात्रियों को यमुना किनारे से क्रूज तक पहुंचने के लिए ड्रमों को जोड़ कर बनाई जैटी भी पूरी तरह से टूट गई। यमुना किनारे खड़े खस्ताहाल खड़े क्रूज के साथ छोटी मोटरबोट भी जगह-जगह से गल गई हैं।
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Author: Vijay Singhal
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