हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अब वृंदावन में बाहरी वाहनों का बढता दबाव एवं आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलने जा रही है। इसके लिए दिल्ली- आगरा हाईवे से यमुना एक्सप्रेस जोड़ने वाले बाईपास टू वे रोड का निर्माण किया जाएगा। वृंदावन के समीप जैंत से शुरु होकर यमुना के ऊपर सुनरख एवं बेगमपुर होते हुए यह मार्ग यमुना एक्सप्रेस वे को जोड़ेगा। यह मार्ग 70 प्रतिशत यमुना के ऊपर से होने के कारण एलिवेटेड बनेगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने सहमति दे दी है। इसे लेकर परिषद द्वारा डीपीआर बनाने की तैयारी शुरु कर दी है।
अब वृंदावन में यमुना एक्सप्रेस वे और दिल्ली- आगरा हाईवे से प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के वाहनों आते हैं। इससे प्रवेश मार्गों और नगर के अंदर जाम लगा रहता है। इस जाम से निजात दिलाने और वृंदावन में बढते वाहनों के दबाव को कम करने के साथ ही श्रद्धालुओं को कम समय पर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए बाईपास एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा रोड का प्रस्ताव केंद सरकार के सामने रखा, जिसे सहमति दे दी है। परिषद की योजना के अनुसार यह मार्ग तीन हजार करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। आगरा-दिल्ली हाईवे किनारे जैंत से यह मार्ग सुनरख और बेगमपुर गांव होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे तक बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा ने बताया कि 14 किलोमीटर लंबा ब्रज का यह पहला ऐसा मार्ग होगा जो कि यमुना नदी ऊपर 70 प्रतिशत एलिवेटेड बनेगा। यमुना नदी से छह मीटर ऊंचा टे वे मार्ग से बेगमपुर खादर में उतार-चढाव के लिए लूप दिया जाएगा। ताकि दोनों ओर से आने वाले यहां बनने वाली 12 हेक्टेयर भूमि में पार्किंग में वाहन खड़ा कर वृंदावन के मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। इस मार्ग से दिल्ली एनसीआर और आगरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को वृंदावन के संकरे मार्गों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। बेगमपुर खादर से वृंदावन के जुगलघाट से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर और अन्य मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि 14 किलोमीटर लंबे मार्ग की डीपीआर तैयार की जा रही है। इस मार्ग के बनने से वृंदावन में आराध्य के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
अब वृंदावन में यमुना एक्सप्रेस वे और दिल्ली- आगरा हाईवे से प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के वाहनों आते हैं। इससे प्रवेश मार्गों और नगर के अंदर जाम लगा रहता है। इस जाम से निजात दिलाने और वृंदावन में बढते वाहनों के दबाव को कम करने के साथ ही श्रद्धालुओं को कम समय पर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए बाईपास एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा रोड का प्रस्ताव केंद सरकार के सामने रखा, जिसे सहमति दे दी है। परिषद की योजना के अनुसार यह मार्ग तीन हजार करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। आगरा-दिल्ली हाईवे किनारे जैंत से यह मार्ग सुनरख और बेगमपुर गांव होते हुए यमुना एक्सप्रेस वे तक बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा ने बताया कि 14 किलोमीटर लंबा ब्रज का यह पहला ऐसा मार्ग होगा जो कि यमुना नदी ऊपर 70 प्रतिशत एलिवेटेड बनेगा। यमुना नदी से छह मीटर ऊंचा टे वे मार्ग से बेगमपुर खादर में उतार-चढाव के लिए लूप दिया जाएगा। ताकि दोनों ओर से आने वाले यहां बनने वाली 12 हेक्टेयर भूमि में पार्किंग में वाहन खड़ा कर वृंदावन के मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। इस मार्ग से दिल्ली एनसीआर और आगरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को वृंदावन के संकरे मार्गों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। बेगमपुर खादर से वृंदावन के जुगलघाट से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर और अन्य मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि 14 किलोमीटर लंबे मार्ग की डीपीआर तैयार की जा रही है। इस मार्ग के बनने से वृंदावन में आराध्य के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
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Author: Vijay Singhal
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