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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए ब्रज 84 कोस हिंदू चेतना यात्रा शुरू

ByVijay Singhal

May 26, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति की आवाज बुलंद करने के लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आह्वान पर ब्रज 84 कोस हिंदू चेतना यात्रा रवाना की गई है। यह यात्रा प्रदेश के कई हिस्सों से घूमते हुए राजस्थान और हरियाणा भी जाएगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष व केस के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि देश के विभिन्न राज्यों में निकाली जा रही हिंदू चेतना यात्रा के क्रम में यह तीसरी यात्रा है। श्रीठाकुरजी लड्डू गोपाल मंदिर के महंत मधुवन दास महाराज के सानिध्य में ब्रज चौरासी कोस यात्रा को सलेमपुर रोड स्थित मधुवन क्षेत्र से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। यह यात्रा प्रदेश के अलावा यात्रा राजस्थान और हरियाणा जाएगी। यहां के स्थानीय लोगों से चौपाल लगाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के बारे में चर्चा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और भव्य मंदिर निर्माण के लिए जन समर्थन जुटाना है। यात्रा में केतकीवन के संत वृंदावन दास, बच्चू सिंह समेत अन्य साधु संत शामिल हुए। पक्षकार महेंद्र प्रताप ने बताया है कि ये यात्रा मधुवन, तालवन, कमोद वन, बछवन होते हुए राजस्थान के डींग जिले में प्रवेश करेगी। बद्रीनाथ, केदारनाथ, कामवन, फिसलन शिला होते हुए हरियाणा जाएगी। उन्होंने बताया कि पांच जून को रामघाट से संत कांताचार्य महाराज के सानिध्य में यात्रा आ रही है। इसी तरह की यात्राएं पूरे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निकाली जा रही हैं।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736