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भाजपा में पार्षदों के लिए 3 और मेयर के लिए 5 नामों का पैनल तैयार

ByVijay Singhal

Apr 13, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भाजपा के लिए नगर निकाय चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं। पार्टी नगर निगम और नगर पालिकाओं सहित नगर पंचायतों में अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए जी-तोड़ मेहनत में जुटी है। टिकट के दावेदार जहां जनसंपर्क के साथ हाईकमान की गणेश परिक्रमा में जुटे हैं तो पार्टी नेतृत्व एक-एक सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन में जुटा हुआ है। चुनाव प्रभारी और प्रभारी मंत्री संदीप सिंह और एमएलसी व चुनाव के सह प्रभारी रजनीकांत माहेश्वरी ने बुधवार को यहां डेरा डाल दिया है। संभावना है कि मथुरा नगर निगम में पार्षदों और मेयर पद का पैनल फाइनल कर मुख्यालय भेज दिया जाएगा, जहां से अनुमति मिलने के बाद नामों की घोषणा कर दी जाएगी।करीब छह साल पूर्व गठित नगर निगम पहले मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाएं हुआ करती थीं। दोनों ही नगर पालिकाओं में भाजपा के वर्चस्व के चलते जब नगर निगम बना तो उस पर भी भाजपा ने अपना पहला मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु के रूप में जिता दिया। पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर काबिज भाजपा मेयर की सीट पर फिर से काबिज होने के लिए तैयारियों में जुट गई है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाती और प्रदेश के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह को जिले का प्रभारी मंत्री और चुनाव प्रभारी बनाया है, वहीं पिछले कार्यकाल में ब्रजक्षेत्र के अध्यक्ष रहे रजनीकांत माहेश्वरी को एमएलसी चुने जाने के बाद मथुरा का सह चुनाव प्रभारी बनाया है। ऐसे में माहेश्वरी का अनुभव और संदीप सिंह का व्यक्तित्व चुनाव में पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का काम करेगा। जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों सहित जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने नगर निगम के सभी 70 वार्डों के लिए पार्षद पद के प्रत्याशियों के तीन से चार नामों का पैनल तैयार कर लिया है। किसी वार्ड में एक-दो नाम ही सामने आए हैं तो कहीं सूची में पांच नाम तक भेजने पड़े हैं। नगर निगम की सीट सामान्य होने के बाद पार्टी में दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। मथुरा से ब्राह्मण विधायक होने के कारण इस सीट पर वैश्यों की दावेदारी बढ़ी है तो वहीं अन्य जातियां भी उम्मीद लगाए बैठी हैं कि कहीं बिल्ली के भाग्य से छींका टूट जाए। वहीं विप्र समाज भी मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहता है। वैश्य समाज से ऐसे कई प्रत्याशी भाजपा के संपर्क में रहकर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, जिनका भाजपा संगठन से दूर-दूर का कोई वास्ता नहीं रहा। करीब चार साल से पार्टी के लिए जी जान से जुटे पदाधिकारी काफी गंभीर बने हुए हैं और रामलीला सभा, अग्रवाल सभा, बड़े कॉलेजों के प्रबंधक और सामाजिक और जातीय संगठनों में किए गए कार्य के आधार पर टिकट मांग रहे हैं। पार्टी ने मेयर पद के लिए पांच नामों का पैनल तैयार किया है। भाजपा आरक्षण में बदलाव के साथ ही युवाओं और जातीय संतुलन को साधने के लिए पुराने पार्षदों का टिकट काटने जा रही है। सूत्रों के अनुसार पिछले सत्र में जिन पार्षदों ने भाजपा संगठन की नाक में दम किया या अपने ही मेयर की खिलाफत की, उनके साथ ही निष्क्रिय, विवादास्पद और कार्यकर्ताओं की आंखों की किरकिरी बन चुके पार्षदों के टिकट काटे जाएंगे। वहीं कई पार्षद ऐसे भी है, जहां विकल्प न होने के कारण पार्टी फिर से उन्हीं पर दांव आजमाएगी। चंद्रपाल कुंतल, महानगर उपाध्यक्ष ने बताया आज मेयर, पार्षद, अध्यक्ष और सभासद को लेकर वरिष्ठ नेताओं ने मंथन किया है। 14 अप्रैल की शाम तक उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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