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मथुरा। यमुना जन्मोत्सव पर भी न हो सका प्राकृतिक शुद्ध यमुना जल का प्रबन्ध

ByVijay Singhal

Mar 27, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल

मथुरा। विश्राम घाट सहित वृन्दावन के प्रमुख घाटों पर यमुना पूजन के लिए शुद्ध प्राकृतिक जल उपलब्ध न होने से धर्माचार्यों एवं श्रद्धालुओं ने कृत्रिम बहाव बनाकर यमुना महारानी की पूजा अर्चना की। तीर्थ पुरोहित चतुर्वेदी समाज के सरदार एवं एनजीटी में याचिका कर्ता श्री दीर्घ विष्णु मन्दिर के महन्त कान्तानाथ चतुर्वेदी ने कहा कि आज आत्मा को घोर कष्ट है कि स्थानीय अधिकारी मोदी-योगी के आध्यात्मिक भाव के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और अपनी लापरवाही से सनातन संस्कृति के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। पुण्य तीर्थ विश्राम घाट मथुरा पुरी यमुना महारानी का प्राचीन तीर्थ है, जिसकी महिमा का वर्णन वेद और पुराण करते हैं, उस स्थल पर यमुना जन्म महोत्सव जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर उचित रूप से प्राकृतिक शुद्ध जल का प्रबन्ध न होना घोर उदासीनता का परिचायक है जबकि हम विभिन्न माध्यमों से अधिकारियों को लगभग एक माह से निरन्तर अवगत करा रहे हैं, उसके बाद भी आज यह स्थिति अधिकारियों के लिए शर्मनाक है। स्थानीय निवर्तमान पार्षद और बृज पर्यावरण संरक्षण परिषद के महामन्त्री राम दास चतुर्वेदी के अनुसार हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों के अनुसार यमुना में निरंतर निश्चित मात्रा में प्राकृतिक शुद्ध जल के प्रवाह के आदेशों पर भी प्रशासन की कार्यशैली योगी-मोदी सरकार को बदनाम करवाने वाली है। आज श्रद्धा के साथ भावनात्मक रूप से श्रद्धालुओ ने पूजन किया है लेकिन यमुना जल की वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही की टीस मन में रहती है। यदि पुण्य तीर्थ विश्राम घाट पर कृत्रिम बहाव पैदा न किया गया होता तो यमुना का पूजन अर्चन भी करने में भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचती। श्रद्धालुओं ने प्रशासन के इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा है कि यह स्थानीय अधिकारियों का मोदी-योगी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र है जो सरकार को बदनाम कराना चाहते हैं।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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