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व्रन्दावन में हेमामालिनी रामायण कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ,कहा-रामायण सनातन संस्कृति की है व्याख्या

ByVijay Singhal

Feb 28, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन शोध संस्थान में रामायण कॉन्क्लेव जन-जन के राम कार्यक्रम के अंतर्गत राम स्तुति, सेमिनार, श्रीराम भजन, श्री राम चरित मानस पाठ, रघुनाथ गाथा एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद हेमा मालिनी, महंत सुतीक्ष्ण दास, महंत फूलडोल बिहारी के सानिध्य में हुआ। रामायण कॉन्क्लेव के शुभारंभ के अवसर पर सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि रामायण सनातन संस्कृति की व्याख्या है। यह हिंदुत्व की जीवन शैली का मूल स्रोत है। महंत सुतीक्ष्ण दास ने कहा भगवान राम का जीवन चरित्र मनुष्य मात्र के लिए आदर्श जीवन की परिभाषा है। शिक्षा में भगवान राम के जीवन मूल्यों को उचित स्थान दिये जाने की आवश्यकता है। महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा आज बच्चों को संस्कारी बनाने की बड़ी आवश्यकता है। भगवान राम का चरित्र उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए। मनोज मोहन शास्त्री ने बताया कि ब्रज में राम और कृष्ण में कोई भेद नहीं समझा जाता है। यहां की पूजा उपासना में दोनों को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।राम सेवक ने कहा ब्रज यात्रा के दौरान वृंदावन के ज्ञान गुदड़ी स्थान पर गोस्वामी तुलसी दास को श्रीकृष्ण के विग्रह में भगवान श्रीराम के दर्शन हुए थे। नटवर नागर ने ब्रज और भगवान राम के अनन्य संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान राम और उनके पूर्वज महाराज मनु, ध्रुव, मान्धाता एवं शत्रुघ्न आदि का भी ब्रज से अटूट संबंध रहा है। शिखा ने बताया कृष्ण भक्तों की वात्सल्य, सख्य एवं मधुरा भक्ति का प्रभाव राम भक्तों पर भी पड़ा। इस दौरान पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया द्वारा प्रेषित पत्र का वाचन श्रीमती रश्मि शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ठा श्री बांके बिहारी जी एवं श्री राम दरबार के चित्रपट पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात वेणु कला केन्द्र की बालिकाओं द्वारा श्रीराम स्तुति प्रस्तुत की गई। सभी अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रवीण गुप्ता द्वारा स्मृति चिह्न एवं पटुका उढाकर किया गया। उप-निदेशक एस पी सिंह ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन रश्मि शर्मा एवं विजेयता चतुर्वेदी द्वारा किया गया। प्रतियोगिताओं के अंतर्गत श्रीराम-सीता स्वरूप प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता तथा श्रीराम कथा पर आधारित लघु चित्र शैली प्रदर्शनी आयोजित की गई। विभिन्न प्रतियोगिताओं का संयोजन कयूरेटर ममता कुमारी ने किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पं रामदेव शर्मा द्वारा श्रीराम भजन, विदुषी सुनंदा शर्मा द्वारा श्रीराम भजन उप-शास्त्रीय गायन, सम प्रिया पूजा निशाद द्वारा श्रीराम चरित मानस लोक गाथा गायन (अयोध्याकांड), विभु वाजपेयी द्वारा रघुनाथ गाथा एवं श्री राम वल्लभ शर्मा द्वारा श्रीराम धनुष यज्ञ प्रसंग की प्रस्तुति दी गई। पूर्व एडिशनल कमिश्नर यादराम वर्मा द्वारा स्व-रचित पुस्तकें भेंट की गई। कार्यक्रम के दौरान आचार्य राम विलास चतुर्वेदी,शासी परिषद सदस्य उदयन शर्मा, खेमचंद यदुवंशी, अनिल गहलोत,सरोज गुप्ता, कोकिल,कुंजलता मिश्रा, श्रीमती माधुरी शर्मा, सीमा मोरवाल, आदित्य त्रिपाठी, देव प्रकाश शर्मा, अशोक शर्मा, महेश खंडेलवाल, पुष्प लता शर्मा, रवीन्द्र प्रताप सिंह, मानवेंद्र सिंह यादव, अभिषेक, जगपाल, अर्चना त्रिपाठी, महेश सिंह शर्मा, शिल्पी वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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