हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के ब्राह्मण समाज और मंदिर के पुजारियों को लेकर दिए विवादित बयान से संतों एवं धर्माचार्यो में उबाल है। महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने रोष जताते हुए कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान में ईश निंदा करने पर मृत्युदंड दिया जाता है। उसी प्रकार अपने देश में ऐसा बोलने पर जीभ काट लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण और पुजारियों के लिए इस तरह की बात करने वाली हिंदू नहीं हो सकती। वह राक्षस कालनेमी की वंशज हो सकती हैं। महंत ने कहा कि यह चुनावी एजेंडा भी हो सकता है। यह कांग्रेस से जुड़ी हो सकती है। क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा से सनातनियों, हिंदू और प्रभु राम का भी विरोध किया है। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने कहा कि नक्सलवाद विचार धारा की महिला नेहा बोरा को सिर्फ मंदिर ही दिखाई दिए, क्या अन्य धर्मों के स्थान पवित्र हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि नेहा बोरा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। वायरल हो रहे वीडियो और बयानों के अनुसार नेहा बोरा ने कथित तौर पर मंदिरों के पुजारियों, धार्मिक व्यवस्था और ब्राह्मणवादी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मंदिरों में महिलाओं और ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा व दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर टिप्पणियां की थीं।
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व्रन्दावन में नेहा बोरा के बयान पर संतों व धर्माचार्याों में उबाल
