हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि वर्ष 1515 में मथुरा आगमन के दौरान चैतन्य महाप्रभु जिस बावड़ी में ठहरे थे, वह आज भी कब्जे में है। उन्होंने इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को कब्जामुक्त कराने की पुरजोर मांग उठाई है। यह बात उन्होंने रमणरेती क्षेत्र स्थित चित्रकूट आश्रम में चल रही चैतन्य चरितामृत कथा के मंच से कही। यहां कार्तिक मास में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए आए हैं। कथावाचक रमाकांत गोस्वामी की इस कथा में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाप्रभु से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर आज अपने मूल स्वरूप में सुरक्षित नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि मथुरा आगमन के बाद महाप्रभु इसी बावड़ी में ठहरे थे, जिसके बाद उन्होंने विश्राम घाट पर यमुना स्नान कर भगवान के दर्शन किए थे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मूल गर्भगृह स्थल पर किया गया कब्जा पूरी तरह अवैध है। इस कानूनी लड़ाई को हाईकोर्ट में पूरी मजबूती से लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्देशक विजय पाल सिंह, भगत सिंह उपस्थित रहे।
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जिस बावड़ी में ठहरे थे चैतन्य महाप्रभु, उस पर कब्जा
