हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए प्रशासन ने जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को पूर्ति अधिकारी ने मंडी अधिकारियों के साथ थोक और फुटकर चीनी विक्रेताओं के गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भौतिक स्टॉक की जांच की गई। चीनी के कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लागू कर दी गई है। इसके तहत 30 नवंबर तक कोई भी डीलर चीनी की प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक उसका भंडारण नहीं कर सकेगा। वहीं किसी भी स्थान पर किसी भी समय 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखा जा सकेगा। पूर्ति अधिकारी मोहन प्रकाश उपाध्याय ने मंगलवार को मंडी अधिकारियों के साथ चीनी व्यापारियों के यहां स्टॉक की जांच की। उन्होंने बताया कि सभी चीनी डीलरों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराकर अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी। स्टॉक की जानकारी प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। हालांकि, स्टॉक लिमिट सरकार के खाते पर लागू नहीं होगी। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा नामित डीलरों अथवा अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित दर दुकानों पर वितरण के लिए रखे गए स्टॉक को भी इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। जांच के दौरान राहत की बात यह रही कि सभी छह फर्मों का वास्तविक भौतिक स्टॉक उनके कागजी अभिलेखों से पूरी तरह मेल खाता मिला। किसी भी गोदाम में निर्धारित सीमा से अधिक चीनी नहीं मिली और रिकॉर्ड में भी कोई अनियमितता नहीं पाई गई। पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में बाजार में चीनी की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में जमाखोरी अथवा निर्धारित स्टॉक सीमा के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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