हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रक्षाबंधन पर इस बार भाई की कलाई पर बंधने वाली राखियां सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगी। जिला कारागार की महिला बंदी इकोफ्रेंडली राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों में फूलों और सब्जियों के बीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। त्योहार के बाद राखी को गमले या बगीचे की मिट्टी में रखने पर उसमें पौधा तैयार हो सकेगा। जिला कारागार में बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी रक्षाबंधन को देखते हुए खजानी वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से 20 महिला बंदियों को इकोफ्रेंडली राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिला बंदियों द्वारा तैयार की जा रहीं राखियां आम लोगों के लिए जेल गेट के बाहर लागत मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि जेल प्रशासन को उम्मीद है, लोग इन राखियों को पसंद करेंगे और महिला बंदियों की मेहनत को प्रोत्साहित करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान महिला बंदियां पूरे उत्साह के साथ राखियां तैयार कर रही हैं। रंग-बिरंगे धागों और सजावटी सामग्री के साथ बीजों का इस्तेमाल कर आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं। बंदियों की मेहनत और सीखने की लगन इस पहल को खास बना रही है। इससे उन्हें एक हुनर सीखने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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