हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मांट क्षेत्र के इतिहास को संजोए हुए एक सदी से भी अधिक पुराने डाक बंगले निरीक्षण भवन के दिन अब बहुरने वाले हैं। कृषि को और बेहतर बनाने के लिए ब्रिटिश काल में सिंचाई के लिए नहरों को शुरू करने की कवायद की गई थी। इस डाक बंगले (निरीक्षण भवन) का निर्माण ब्रिटिश शासन काल के दौरान वर्ष 1908 से 1912 के बीच कराया गया था। लगभग 125 साल पुरानी अपनी नींव के समय से यह धरोहर 1.3 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्रफल में फैली हुई है। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में यह भवन अपनी चमक खो रहा था, जिसे अब नया जीवन दिया जा रहा है। इस जीर्णोद्धार से न केवल विभाग को एक बेहतरीन सरकारी परिसंपत्ति वापस मिलेगी, बल्कि मथुरा जनपद के ग्रामीण अंचल में स्थित एक अमूल्य ऐतिहासिक विरासत भी जमींदोज होने से बच जाएगी। स्थानीय निवासियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। निरीक्षण भवन को कई नाम से जानते हैं लोग सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों निरीक्षण भवन, विश्राम गृह, निरीक्षण कुटीर, डाक बंगला, कैनाल रेस्ट हाउस, सिंचाई कोठी आदि नामों से भी जाना जाता है। ये भवन आमतौर पर नहरों, नदियों, बांधों (डैम) या नहर की पटरियों के किनारे बने होते हैं। मांट तहसील के पचावर गांव के पास गंग नहर निचली मांट ब्रांच गुजरती है।
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Author: Vijay Singhal
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