हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित बालिका के परिजन ने चिकित्सक पर धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। वर्ष 2024 में बलदेव थाना क्षेत्र की एक बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़िता के परिजन ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि रानी लक्ष्मीबाई प्रकोष्ठ के नोडल डॉ. पियूष सोनी लगातार उनको डरा धमका रहे हैं। पीड़िता की मेडिको लीगल रिपोर्ट को सात महीने बाद रानी लक्ष्मीबाई प्रकोष्ठ के पोर्टल पर अपलोड किया गया। इसके कारण जिला स्तरीय संचालन समिति ने पीड़िता को मिलने वाली आर्थिक सहायता को निरस्त कर दिया। आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए फॉरेंसिक सैंपल (एफएस सैंपल) एक साथ नहीं भेजे। सैंपल चिकित्सकीय परीक्षण के लगभग 20 दिन और कुछ सैंपल 100 दिन बाद एफएसएल आगरा भेजे गए। शिकायत पर जिलाधिकारी सीपी सिंह ने एसएसपी श्लोक कुमार और सीएमओ डॉ. राधावल्लभ को समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एसपी क्राइम श्वेता यादव और डीटीओ डॉ. संजीव यादव को जांच सौंपी गई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर डॉ. पियूष सोनी ने बताया कि रिपोर्ट देरी से प्राप्त होने के कारण समय पर अपलोड नहीं हो पाई थी। पीड़िता के सैंपल लेने का कार्य पुलिस का है। पुलिस ने सैंपल देने में देरी की इस कारण रिपोर्ट देरी से अपलोड की गई। रही बात डराने धमकाने की तो यह आरोप निराधार है।
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Author: Vijay Singhal
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