हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सोंख के सरकारी अस्पताल में बंदर व कुत्ता काटने पर लगाए जाने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन समाप्त हो गई है। चिकित्सालय में वैक्सीन न होने की वजह से मरीजों को बाहर से मेडिकल से लाकर लगवानी पड़ रही है। मरीज का आरोप है कि कर्मचारियों वैक्सीन को चहेते लोगो के लिए स्टॉक में रखते है और आम आदमी दर दर भटक रहा है।
कस्बा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बंदर और कुत्ते काटने के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में रोजाना 10 से अधिक मरीज कुत्ता काटे के पहुंच रहे हैं। ओपीडी में पर्चा बनवाने के बाद चिकित्सक के लिखने पर मरीजों को रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है। अस्पताल में इन दिनों एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं है। मरीज इंजेक्शन कक्ष में पूछकर वापस लौट रहे हैं या मेडिकल से महंगी वैक्सीन खरीदकर लगवा रहे हैं। इसकी सलाह भी कर्मचारी ही दे रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक एक वैक्सीन में चार डोज होती हैं। एक बार में चार मरीजों को लगाई जाती है। बाजार में यह करीब 400 रुपये की बताई जा रही है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन करीब 10 से 15 वैक्सीन की खपत हो रही है। एंटी रैबीज वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। सीएससी अधीक्षक डॉ नेहा चौधरी ने बताया कि अब एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई। जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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