हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने बाजना कस्बे में कई डेयरियों पर जांच की कार्रवाई की। इस दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में पनीर बना रही एक डेयरी का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। उसे सील किया गया है। टीम ने कुल नौ नमूने जांच के लिए भेजे हैं। उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और जिलाधिकारी मथुरा के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दल ने सुबह करीब 8 बजे डेयरियों पर दबिश दी। अचानक हुई कार्रवाई से डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर भाग गए। टीम ने पारसौली सड़क स्थित राधे मिल्क प्रोडक्ट्स से पनीर व दूध के नमूने लिए। पप्पू डेयरी से पनीर के दो नमूने और सिरसा मिल्क प्रोडक्ट्स से पनीर व मिश्रित दूध के सैंपल भरे गए। मुडलिया सड़क स्थित सोनू डेयरी पर गंदगी और मानकों की अनदेखी पाई गई, जिसके बाद उसका संचालन तत्काल रोक दिया गया। विभाग ने एफएसएस एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, धर्मेंद्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह, दलवीर सिंह एवं भरत सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। बाजना और नौहझील क्षेत्र पनीर निर्माण का एक बड़ा केंद्र है। यहां से तैयार पनीर मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा समेत हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और लखनऊ तक भेजा जाता है। इस कारोबार की आड़ में लोग करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। ऐसे में विभाग के लिए गांव-गांव में फैली अवैध डेयरियों पर लगाम कसना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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Author: Vijay Singhal
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