हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भागवताचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री और दिल्ली के दर्शनार्थी परिवार की कार की टक्कर के बाद दोनों पक्षों में हुई मारपीट का प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। बाल कल्याण समिति के बाद अब मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने वृंदावन कोतवाली में दर्शनार्थी परिवार की दो महिलाओं व दो बच्चों के साथ हुए अमानवीय पर मानवाधिकार व बाल आयोगों में शिकायत दर्ज कराई है। पारस ने आरोप लगाया गया है कि वृंदावन थाने में जिस तरह से श्रद्धालु महिलाओं को रातभर अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और दो छोटे बच्चों को थाने में जमीन पर सुलाया गया, वह अमानवीयता है। बच्चों को भूखा रखा गया। यह बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा है कि यह कृत्य संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 का उल्लंघन है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डीके बसु गाइडलाइन का भी स्पष्ट उल्लंघन है, जिसमें गिरफ्तारी की प्रक्रिया, सूचना, मेडिकल जांच और महिलाओं के लिए विशेष सु्रक्षा प्रावधान है। महिलाओं को दोपहर दो बजे से रात 8 बजे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। बाल अधिकार कार्यकर्ता ने पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। कहा है कि इस मामले में पुलिस ने कथा वाचक के प्रभाव में आकर कार्रवाई की। इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। दूसरी ओर, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने नोटिस भेजकर बच्चों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार पर जवाब मांगा है। घटना वाले दिन की थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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