हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद में दिनभर शीत हवा और गलन के गठजोड़ से जिंदगी ठिठुर गई। गलन से हाड़ कांपते रहे। लोग घरों में रूम हीटर व अलाव के सहारे चिपके रहे। बच्चे तो दिन में रजाई में छिपे रहे। दोपहर में कुछ देर सूर्य देव निकले, लेकिन धूप में तेज नहीं था। असहनीय होती जा रही ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सर्वाधिक मुश्किल घरों में गृहिणी महिलाओं को हो रही है। टंकियों का पानी इतना ठंडा है कि हाथ गलने लगे हैं। ऐसे में महिलाएं पानी गर्म कर कामकाज निबटाने को मजबूर हैं। न्यूनतम 10.06 और अधिकतम 17.03 तापमान रहा। बूंदाबांदी के बाद जिले में ठंड के तेवर तीखे हो गए। शुक्रवार की सुबह लोगों की नींद जागी और बाहर निकले तो शीत हवा से कंपकंपी छूट गई। मार्निंग वाक पर निकले लोगों की संख्या में कमी नजर आई। गलन से हाड़ कांप रहे थे। पूरे शरीर पर गर्म कपड़े से लोग लैस नजर आए। बच्चे देरी से जागे। जरूरी काम से बाहर निकले दोपहिया सवारों को ठंड से खासी मुश्किल का सामना करना पड़ा। कुछ दूरी तय करने के साथ ही हाथ गल रहे थे। बाजारों में गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी। दोपहिया सवार लोग तो हाथों के ग्लब्स खरीदते दिखे। दोपहर करीब दो बजे सूर्य देव कुछ देर के लिए चमके, लेकिन धूप में तेज नहीं था। राधापुरम एस्टेट में रहने वाले तेजराम अग्रवाल धूप देखकर घर की छत पर पहुंचे, लेकिन कुछ ही देर में धूप चली गई, तो फिर नीचे आ गए। वह बोले कि ठंड ने बेहाल कर दिया है। करीब एक घंटे बाद सूर्यदेव फिर से बादलों में छिप गए। शीत हवा के साथ गलन के कारण लोगों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड अधिक एवं धूप न निकलने के कारण पार्कों में भी भीड़ कम नजर आई।
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Author: Vijay Singhal
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