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मजदूरों के दो दर्जन खातों में पहुंचे 3 करोड़, खाते बंद होने पर सामने आई हकीकत

ByVijay Singhal

Nov 22, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भरतपुर रोड स्थित गांव नगला मेवाती के मजदूर तबके के लोगों के बैंक खातों में तीन माह के भीतर करोड़ों की धनराशि भेजी गई। इसके बाद ऑनलाइन दूसरे खातों में ट्रांसफर भी हो गई। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के करीब दो दर्जन खातों में करोड़ों के लेनदेन की जानकारी मजदूरों को भी नहीं हो सकी। खातों के होल्ड होने पर मजदूरों ने शुक्रवार को बैंक पर हंगामा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कृष्णापुरी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा के बैंक खातों में साइबर ठगी की करोड़ों की रकम को साइबर अपराधियों ने मजदूरों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। दो दर्जन से अधिक खातों में करीब तीन करोड़ रुपये जमा होने के बाद भी बैंक प्रबंधन ने किसी खाताधारक को सूचना नहीं दी। पिछले दिनों गुजरात की एक कंपनी में काम करने वाले मजदूर दिलशाद अपना वेतन निकालने के लिए बैंक शाखा में पहुंचा तो उसे पता चला कि खाता होल्ड हो गया है। उसने बैंक से जानकारी मांगी तो बताया गया कि बैंक खाते को साइबर ठगी की शिकायत के बाद अरुणाचल प्रदेश से होल्ड कराया गया है। दिलशाद के खाते में करीब 64 लाख रुपये का लेनदेन सितंबर से नवंबर 2025 के बीच किया गया था, जबकि दिलशाद का कहना है कि वह मजदूरी करता है। उसके खाते में कभी दस-20 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होते हैं। इसके बाद इसी गांव के परवेज भी मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते में भी करीब 44 लाख रुपये भेजे गए। इसके बाद उनका एटीएम भी बैंक ने बिना जानकारी दिए बंद करा दिया। दूसरा एटीएम भी जारी कर दिया। उनका कहना है कि पहला एटीएम क्यों बंद किया गया? बैंक ने उन्हें जानकारी भी नहीं दी। इसी तरह वकील खान, तबस्सुम, फरहीन, परवीन, गुड़िया, दिलशान सहित दो दर्जन से ज्यादा महिला, पुरुषों के खातों में 30 लाख रुपये, 45 लाख रुपये, 65 लाख रुपये तो किसी के खाते में पांच लाख रुपये डाले गए। ज्यादातर मजदूरों को इस लेनदेन की भनक तक नहीं थी, जबकि इन खातेदारों में कई के एटीएम कार्ड बदल दिए गए। जब यूपीआई ट्रांजेक्शन भी बंद हो गया तो मजदूरों ने बैंक में पता किया। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से एक बजे तक इसी मुद्दे पर खातेदारों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि करोड़ों रुपये खातों में आते जाते रहे मगर बैंक प्रबंधन ने किसी खातेदार से संपर्क करने की जरूरत भी नहीं समझी। हाईवे स्थित नगला मेवाती गांव में वर्ष 2021-22 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रतिनिधि ने शिविर लगाकर गांव में मजदूरों के खाते खोले थे। पुलिस ने खाते खुलवाने वाले प्रतिनिधि को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मजदूरों के बयान लिए गए हैं। इसके अलावा बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। बैंक ने स्थानीय साइबर क्राइम पुलिस को इस बाबत जानकारी नहीं भेजी थी।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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