हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रीराधाष्टमी महोत्सव पौराणिक मान्यताओं एवं शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया। घंटे, घड़ियाल, ढोल, नगाड़े की मंगल ध्वनि के मध्य सुबह 9 बजे राधा स्वरूप धारण कर विराजमान भगवान श्रीकेशवदेवजी महाराज का दिव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। राधा स्वरूप में भगवान श्रीकेशवदेवजी के दर्शन अत्यन्त मनोहारी और भक्तों को आनंदित कर रहे थे। सर्वेश्वरी श्रीराधाजी और सर्वेश्वर श्रीकृष्ण दोनों एक ही हैं, संत और वैष्णवों के इस भाव के दर्शन श्रीराधा रूप में विराजमान भगवान श्रीकेशवदेव महाराज के दर्शन से हो रहे थे। भगवान श्री केशवदेवजी मंदिर से चाव (बधाई) सामग्री सुंदर डलियों एवं थालों में सजाकर ब्रजवासी भक्तजन मंगल ध्वनि के मध्य उद्दाम नृत्य-गायन, संकीर्तन करते हुए भागवत भवन में पधारे। दिव्य भजन और बधाई गायन ब्रज की सुप्रसिद्ध भजन-गायिका शालिनी शर्मा द्वारा किया गया। 11:30 बजे श्रीसूक्त आदि मंगल पाठों के मध्य श्रीराधाजी के प्रत्यक्ष स्वरूप का पुष्पार्चन किया गया। इसके बाद श्रीकिशोरी जी की प्राकट्य आरती हुई। इसके पश्चात कमल पुष्प में विराजित श्रीराधाजी के चल श्रीविग्रह अभिषेक स्थल पर पधारे। वृहद अभिषेक सामग्री से संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य श्री गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी तथा मंदिर के पूजाचार्यों ने श्रीराधाजी का जन्ममहाभिषेक किया।
मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं को फल, मिष्ठान, वस्त्र, खिलौने, पुष्प-माला बधाई स्वरूप प्रदान की गई। श्रीकिशोरी जी के स्वरूप एवं श्रद्धालुओं के भाव, उद्दाम नृत्य, गायन को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो श्री बरसाना धाम और श्रीरावल धाम दोनों ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर उपस्थित हों। संस्थान के सदस्य डाॅ. रोशन लाल, अनिल, कन्हैयालाल, पंकज अग्रवाल, गौरव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
7455095736
