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मथुरा में आयोजित हुई सेमिनार,श्री कृष्ण जन्मस्थान शाही ईदगाह विवाद में छात्राओं के बीच रखे गए कई बिंदु

Byvijay.singhal1233

Jan 8, 2023
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हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के मसानी में शनिवार को आरसीए गर्ल्स कॉलेज में एक सेमिनार का आयोजित किया गया। कॉलेज प्रबंधन ने सेमिनार में श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर चल रहे मुद्दे पर विभिन्न बिंदुओं को छात्राओं के बीच कोर्ट में वाद दाखिल करने वाले वादकारियों एवम भाजपा विधायक ने रखा। आर सी ए कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में परास्नातक शोध एवं नवाचार छात्रा परिषद द्वारा एक विशेष परिचर्चा श्रीकृष्ण जन्मभूमि- ईदगाह विवाद एक नागरिक पहल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा विधायक राजेश चौधरी तथा वादी पक्ष से अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी, मुकेश खण्डेलवाल एवं वादी व अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह व अधिवक्ता हरेन्द्र शर्मा और ईदगाह पक्ष की ओर से शाहिद कमरे वाले ने भाग लिया। सेमिनार में बी एस ए कॉलेज के पत्रकारिता विभाग से आनन्द त्रिपाठी एवं विधि विभाग से एस के राय तथा मथुरा के अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया। महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष रमेश मित्तल, उपाअध्यक्ष रामबाबू चौपइया वाले सचिव गिरीश अग्रवाल व सदस्य प्रदीप अग्रवाल भी उपस्थित रहे। सेमिनार की शुरुआत अतिथियों को नवांकुर भेंट कर उनके स्वागत के साथ हुई । प्राचार्य ने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी को परास्नातक छात्रा परिषद व महाविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

भाजपा विधायक बोले शांति पूर्ण तरीके से निकले हल

परिचर्चा के विषय का उल्लेख करते हुए प्राचार्य ने बताया कि यह राष्ट्रीय महत्त्व का अत्यंत संवेदनशील विषय है। अतः आवश्यक है कि इस पर चर्चा परिचर्चा द्वारा समाधान की ओर बढ़ा जाये। विधायक राजेश चौधरी ने महाविद्यालय के इस महती प्रयास की सराहना करते हुए विवाद के शांति पूर्वक समाधान का समर्थन किया और कहा कि अयोध्या राम जन्मभूमि के विवाद के कारण देश को दंगों का दंश झेलना पड़ा। मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्म सर्व विदित है। अतः विवाद न करके मुस्लिम पक्षकारों को शांतिपूर्ण ढंग से विवादित भूमि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंप देनी चाहिए जिससे हिन्दू उस पर अपने आराध्य का मंदिर बना सकें। सेमिनार में वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने अपने संबोधन में मुकदमें की जानकारी दी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पक्ष को सामने रखा। इसके साथ ही बताया कि 2020 में उन्होंने केशव देव जी के पक्ष से वाद दायर किया। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया कि विवादित भूमि का मालिकाना हक श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास है। उन्होंने कहा कि सेवा संघ के साथ ईदगाह कमेटी के समझौते को मान्य नहीं ठहराया जा सकता। क्योंकि सेवा संघ के पास सम्पत्ति के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष के पास अपने मत को सिद्ध करने के लिए साक्ष्य नहीं है। श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के अधिवक्ता मुकेश खण्डेलवाल ने विवादित भूमि की जानकारी दी जो कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास ही है। ईदगाह पक्ष की और से शाहिद कमरे वाले ने कहा कि समझौता दोनों पक्षों के बीच में हुआ है इसको स्वीकार करना चाहिए। अन्य बाहरी लोगों को विवाद नहीं बढ़ाना चाहिए। आनन्द त्रिपाठी ने भी विवाद का हल नागरिक पहल के द्वारा किए जाने का समर्थन किया और पूर्वाग्रह को छोड़कर तथ्यों को स्वीकारने के लिए कहा। वादी एवं अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी की ईदगाह में ही मूल जन्मभूमि है और वहां इसके साक्ष्य विद्यमान है। प्लेसिज ऑफ वर्शिप एक्ट की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्ट इस संबंध में प्रभावी नहीं है। महाविद्यालय की शिक्षिकाओं और छात्राओं ने अपने प्रश्न अतिथियों के सम्मुख रखे और उनसे उचित समाधान प्राप्त किया।

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