हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील में लगातार जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी उफान पर है। नौहझील क्षेत्र की सैकड़ों बीघा फसल यमुना के पानी में डूब गई है। करीब चार गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया है और गांव के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खतरा को देखते हुए अधिकारियों ने नौहझील क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। इधर, वृंदावन के केसी घाट से सटे निवासियों से भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। नौहझील के अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगलखोर और अड्डा जाटव गांव के चारों ओर यमुना का पानी भर गया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। करीब 250 से 300 बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों के घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। गांव को जाने वाला संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है। अधिकारियों ने गांव से पहले बैरिकेडिंग करके मार्ग को बंद कर दिया है। यह संपर्क मार्ग इन गांवों को जोड़ता है। गांव छिनपारई में स्थित परिषदीय संविलित विद्यालय में दो-दो फीट पानी भर गया और कई ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई पर भी संकट गहराता जा रहा है। बाढ़ का खतरा बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं और किसान की धड़कने बढ़ने गई हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही क्षेत्र में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। खतरा बढ़ने पर ग्रामीणों को राहत शिविरों में पहुंचाया जाएगा। प्रशासन की टीम शनिवार से ही क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है। इसके अलावा सुरीर, मथुरा शहर, वृंदावन, महावन, बलदेव क्षेत्र में सतर्क बरती जा रही है। ये भी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों हैं। हालांकि अधिकारियों ने रविवार को पानी कम होने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि यमुना का जलस्तर 165.36 से बढ़कर 165.56 मीटर तक पहुंच गया है। यह चेतावनी बिंदु 165.200 मीटर से महज कुछ ही कम है। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया है कि रविवार को ताजेवाला बैराज से 16847 क्यूसेक और ओखला बैराज से 28910 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि मथुरा के गोकुल बैराज से 75000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इसके बावजूद रविवार को यमुना का जलस्तर बढ़कर 165.56 मीटर पहुंच गया।
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Author: Vijay Singhal
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