हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील में यमुना नदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। बृहस्पतिवार देर रात करीब दो बजे पानी अचानक तटीय गांवों में घुस आया। जिससे अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा जाटव, बाघर्रा, बरौठ, मंडारी, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, भगवान गढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, मंगलखोर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, वदेदना, मरहला मुक्खा, भूरगढ़ी, पालखेड़ा, पिथौरा व फरीदपुर आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। देर रात यमुना नदी का जल अड्डा फिरोजपुर रोड के ऊपर से गुजर गया। शाम तक दर्जनों गांवों का आवागमन अवरुद्ध हो गया। इन गांवों के लोग दूसरे रास्तों से बाहर निकले। वहीं नदी का जल शाम लगभग 7 बजे छिनपारई प्याऊ के समीप से नौहझील-शेरगढ़ रोड के ऊपर से गुजर गया। तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों में खड़ीं धान, बाजरा, ज्वार व मूंगफली के अलावा अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। ग्रामीण महेंद्र, रवि कुमार, खिम्मो, पप्पू, अरविंद,चेतन, राम अवतार का कहना है कि इससे भारी पैमाने पर फसल का नुकसान होगा। यमुना के तटीय गांवों में हरी सब्जियों तोरई, भिंडी, पालक, लौकी, हरी मिर्च, करेला, अरबी आदि की पैदावार होती है। जिनके नष्ट होने से हरी सब्जियों के दामों में भी उछाल आ सकता है। पशुओं के चारे की कमी को लेकर भी लोगों में चिंता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत राहत सामग्री, चारा व चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि यमुना में बाढ़ की आशंका को देखते हुए श्री झाड़ी हनुमान मंदिर व अड्डा मल्हान में बाढ़ नियंत्रण एवं बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
