हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में झूलन महोत्सव की परंपरा का शुभारंभ हमेशा की तरह इस बार भी बरसाना से होने जा रहा है। हरियाली तीज पर रविवार को राधारानी मंदिर में झूलन महोत्सव का आगाज हुआ । तेरह दिन तक राधा-कृष्ण स्वर्ण जड़ित हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। सेवायत संजय गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज की सुबह मंदिर को हरे परिधानों से सजाया गया। राधारानी को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। बताया गया कि ब्रज में झूलन महोत्सव की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। मुगल सम्राट अकबर भी इस महोत्सव से अभिभूत थे। उनके राजस्व मंत्री टोडरमल ने प्राचीन झूलन स्थलों पर पत्थर के झूले और रासमंडल बनवाए थे। आज भी उन स्थलों पर राधा-कृष्ण झूला झूलते हैं। मंदिर में विराजमान स्वर्ण हिंडोले का निर्माण 77वर्ष पूर्व सेठ हरगुलाल ने मंदिर सेवायतों व श्रद्धालुओं के सहयोग से करवाया था। बनारस के कनकपुर जंगलों से लाई गईं शीशम की लकड़ियों से यह झूला तैयार किया गया था। इसे कारीगर छोटेलाल ने निर्मित किया, उन्होंने बांकेबिहारीजी के झूले का निर्माण भी किया था। बाद में इसे चांदी व सोने के पत्तर से सजाया गया। हरियाली तीज की संध्या को राधारानी मंदिर परिसर की सफेद छतरी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर सेवायत डोले को कंधों पर उठाकर नीचे स्थित संगमरमर की छतरी तक लाएं। वहां गोस्वामी समाज की कन्याओं द्वारा आरती की । वर्ष में केवल तीन बार धुलेंडी, हरियाली तीज और राधाष्टमी पर राधारानी का डोला सफेद छतरी में विराजमान होता है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
