हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर चकलेश्वर महाप्रभु मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। महंत गोपाल दास महाराज के निर्देशन में यह यात्रा परिक्रमा मार्ग पर निकली। यात्रा से पहले राधाकुंड से श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गोवर्धन पहुंचे। पीठाधीश्वर महंत केशव दास महाराज ने इस परंपरा का इतिहास बताया। करीब 500 साल पहले सनातन गोस्वामी श्री चैतन्य महाप्रभु के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से यहां आए थे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थलियों की खोज की। सनातन गोस्वामी के गोलोकवास के बाद उनके अनुयायी भक्तों और ब्रजवासियों ने सिर मुंडवाकर गिरिराज महाराज की परिक्रमा की थी। तभी से इसे मुड़िया पूर्णिमा कहा जाने लगा। शोभायात्रा मानसी गंगा की परिक्रमा करते हुए कई ऐतिहासिक स्थलों से होकर गुजरी। इसमें चक्लेश्वर महाप्रभु जी की बैठक, दसविसा हरिदेव जी का मंदिर, सौंख अड्डा दानघाटी मंदिर, डीग अड्डा और बड़ा बाजार हाथी दरवाजा शामिल थे। यात्रा वहीं पूरी हुई जहां से शुरू हुई थी। रास्ते में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारी और पुष्प वर्षा की।
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Author: Vijay Singhal
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