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पूंजीपतियों के हितों के लिए किया जा रहा कॉरिडोर का निर्माण

ByVijay Singhal

Jun 29, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कॉरिडोर निर्माण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि पूंजीपतियों के हित के लिए सरकार वृंदावन में कॉरिडोर निर्माण कराना चाहती है। इससे वृंदावन के पौराणिक स्वरूप तो नष्ट होगा ही, साथ ही मंदिर के सेवायतों के अधिकारों का भी हनन होगा। कांग्रेस महानगर यतेंद्र मुकद्दम और पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कृष्णा नगर स्थित आवास पर प्रेसवार्ता की। इस दौरान कॉरिडोर के साथ-साथ यमुना शुद्धिकरण का भी मुद्दा रखा गया। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार की मंशा ब्रज के सभी पुराणिक मंदिरों को अधिग्रहण करने की है। पहले आरएसएस ने शिक्षा के मंदिरों को टारगेट किया था अब मंदिर-देवालयों पर इनकी नजर टिकी है, लेकिन कांग्रेस इसका विरोध करेगी और ब्रजवासियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने बताया है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर दोनों मुद्दों से अवगत कराएंगे। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पं. यतेंद्र मुकद्दम ने यमुना शुद्धिकरण पर आवाज बुलंद की। कहा कि केंद्र सरकार से लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत अधिकांश राज्यों में भाजपा का शासन है। इसके बावजूद यमुना भक्तों की भावनाओं को दूषित जल से कुचला जा रहा है। महापौर पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि नगर निगम ने एसटीपी प्लांट के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने इस संबंध में उच्च समिति से जांच कराने की मांग की है।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736