• Fri. Sep 11th, 2026

कार्यक्रम की खबर, संविधान केवल दस्तावेज नहीं, न्याय और गरिमा का प्रतीक

ByVijay Singhal

May 30, 2025
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा महावन कस्बा स्थित आंबेडकर पार्क में संविधान बचाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया। संविधान बचाओ, भारत बचाओ के नारों से सभा स्थल गूंज उठा। जनसमूह में उत्साह और जोश दिखाई दिया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गौतम बुद्ध एवं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर की गई। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि संविधान केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों के अधिकार, समानता, न्याय और गरिमा का प्रतीक है। प्रदेश प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि यह सम्मेलन संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और जनहित की भावना के लिए समर्पित है। वरिष्ठ नेता यामिनी रमन आचार्य ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से लोकतंत्र की प्रहरी रही है। पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने कहा कि मौजूदा सरकार ने कानून और संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। अध्यक्षता वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैलाश पंडित ने और संचालन महेश चौबे ने किया। कार्यक्रम में प्रदीप सागर, सुजान सिंह, पंकज चौधरी, अप्रतिम सक्सेना, शैलेंद्र चौधरी, मोनू चौधरी, पीर मोहम्मद, मनोज गौड़, सरवन अहमद, दीपक आर्य आदि मौजूद रहे।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes
मथुरा स्टेशन से बच्चा चोरी का पर्दाफाश, महिला ने प्रेमी संग चुराया मासूम, मुरैना से गिरफ्तार
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You missed

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736