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गंदगी से त्रस्त हुई यमुना…श्रद्धालु कैसे करेंगे स्नान

ByVijay Singhal

May 26, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना मैया गंदगी से कराह रहीं हैं। गंगा दशहरा पर श्रद्धालु कैसे स्नान करेंगे। शहर के दर्जनों नाले-नालियों का गंदा पानी यमुना में गिर रहा है। इससे यमुना का पानी आचमन तो दूर सिंचाई योग्य भी नहीं दिख रहा है। दो दर्जन से अधिक नालों की निकली गंदगी के साथ ही फैक्ट्रियों का गंदा पानी भी यमुना में मिल रहा है। इसके चलते यमुना में ऑक्सीजन की मात्रा 5 मिलीग्राम प्रतिलीटर से नीचे ही रहती है, जबकि बीओडी की मात्रा 10 मिलीग्राम प्रति लीटर रहती है। बीओडी का यह स्तर यमुना को प्रदूषित दर्शाता है। आलम यह है कि प्रदूषण के कारण यमुना में जलीय जीवों की संख्या नगण्य हो चुकी है। ग्रामीण इलाकों में किसान भी यमुना के पानी से सिंचाई करने से किनारा करते हैं। वहीं केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट दो साल पहले यमुना के पानी के नियमित स्नान से त्वचा रोग की संभावना भी व्यक्त कर चुकी है।
वर्तमान में गंगा दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाएं अधर में हैं। यमुना घाटों पर अभी तक कोई व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिम्मेदार गंगा दशहरा पर पानी छोड़ने के साथ गंदगी बहने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि यमुना घाटों पर तो थोड़ी बहुत सफाई नजर आती है, लेकिन पानी गंदा ही नजर आएगा।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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