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जुल्हेंदी व कोन्हई में विकसित होगी टाउनशिप

ByVijay Singhal

May 24, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। एमवीडीए की 106वीं बोर्ड बैठक में गोवर्धन के पास जुल्हेंदी व कोन्हई में नई टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। यह आवासीय कॉलोनी करीब 62 एकड़ भूमि में बसाई जाएगी। इसके लिए अधिकांश भूमि अधिग्रहण हो चुकी है। बाकी की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस टाउनशिप में विभिन्न श्रेणियों में भवन के साथ क्लब, स्कूल, पार्क, हेल्थ सेंटर, पुलिस चौकी, अन्य यूटिलिटी सर्विस से जुड़े भूखंड भी शामिल किए गए हैं। साथ ही दो एसटीपी बनाए जाएंगे। सीवर, जलनिकासी और विद्युत लाइन सभी भूमिगत रहेंगे। इसके योजना के लिए नियमानुसार भू उपयोग परिवर्तन की कार्रवाई पूर्ण कराने की शर्तों के साथ डीपीआर को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा बड़ी आवासीय, व्यावसायिक कॉलोनियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सुनिश्चित करने के साथ आवासीय व अनावासीय संपत्तियों की ई-नीलामी के लिए पंजीकरण खोले जाने पर भी मंथन किया गया। साथ ही ऐसे भूस्वामियों को भूमि के बदले रुक्मिणी विहार आवासीय योजना में भूखंड प्रदान किए जाने के संबंध में प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा तहसील गोवर्धन के खसरा संख्या 343 का भू-उपयोग कृषि से आवासीय में परिवर्तन कराने से संबंधित भी प्रस्ताव रखा गया। इसी सभी बिंदुओं पर मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी बिंदुओं को सुनिश्चित करने को कहा है। इस दौरान एमवीडीए उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, सचिव मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण अरविंद द्विवेदी, ओएसडी प्रसून्न द्विवेदी समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736