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मथुरा में मरीजों के लिए अस्पताल सुरक्षित नहीं।अग्निशमन विभाग के निरीक्षण में 69 अस्पतालों में नहीं मिले अग्निकांड रोकने के इंतजाम

Byvijay.singhal1233

Oct 8, 2022
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हिदुस्तान 2र टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आगरा के अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद मथुरा में अग्नि शमन विभाग सक्रिय हो गया है। यहां एसी कोई घटना न घटित हो इसके लिए दमकल विभाग ने अस्पतालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में 69 ऐसे अस्पताल मिले। जहां अग्नि शमन विभाग के मानकों को ताक पर रखा जा रहा है। विभाग ने ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए स्वास्थ्य विभाग को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करने वाले अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। यहां अग्नि कांड होने की स्थिति में उस पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अग्नि शमन विभाग ने जब जांच की तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अब ऐसे 69 अस्पताल हैं। जहां अग्नि शमन विभाग के मानकों को ताक पर रखा जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में करीब 225 हॉस्पिटल हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज, राजकीय चिकित्सालय,निजी हॉस्पिटल और नर्सिंग होम हैं। इन अस्पतालों में 35 प्रतिशत ऐसे हैं। जहां अग्नि सुरक्षा से जुड़े या तो संसाधन हैं नहीं और अगर हैं तो वह बेहतर काम नहीं कर रहे। अग्नि शमन विभाग अब स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अग्नि शमन विभाग के चीफ फायर ऑफिसर प्रमोद शर्मा ने मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में मानकों के विपरीत संचालित हो रहे इन हॉस्पिटल की अनुमति रद्द करने की बात कही गई है। पत्र मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गया है। शुक्रवार को अग्नि शमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर तीन अस्पताल को सील किया। इन अस्पतालों के पास से फायर के किसी नॉर्म्स को पूरा नहीं किया जा रहा था। दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने मथुरा दिल्ली नेशनल हाई वे पर स्थित पारस मणि हॉस्पिटल, छाता स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल और गोपाल अस्पताल को सील किया। अग्नि शमन विभाग के मुख्य दमकल अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि जगह के हिसाब से फायर नियम पूरे करने होते हैं। सबसे कम जगह में संचालित हॉस्पिटल में कम से कम चालू स्थिति में फायर सिलेंडर हों। इसके अलावा बड़ी जगह होने पर फायर सिस्टम, हॉर्स पाइप आदि होने चाहिए। फायर टेंडर में लिक्विड भी नकली न हो। कई लोग इसमें भी घालमेल कर देते हैं। CFO प्रमोद शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली लिस्ट के अनुसार 225 अस्पताल हैं। इनमें से 69 में कमियां पाई गई हैं।

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