हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नंदगांव में आसेश्वर महादेव ऐसा स्थल है, जहां स्वयं भगवान शिव ने श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए तपस्या की थी। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। महंत जयरामदास ने बताया कि द्वापर में कान्हा के दर्शन करने के लिए स्वर्ग से सभी देवी-देवता नंदगांव आए थे। भोलेनाथ भी विचित्र भेषभूषा में नंदभवन पहुंचे और मां यशोदा से कान्हा के दर्शनों का आग्रह किया। भोलेनाथ की वेषभूषा देखकर यशोदा ने उन्हें कान्हा के दर्शन नहीं कराए। इस पर भोलेनाथ साधु हठ करके आसेश्वर वन में धूनी रमा कर बैठ गए। जब कान्हा ने देखा कि बाबा हिमालय से चलकर नंदभवन आए हैं और मैया ने मिलने नहीं दिया, तो वे जोर-जोर से रोने लगे। रोने का कारण जानकर भोलेनाथ को आसेश्वर नामक स्थान से नंदभवन लाया गया। भोलेनाथ झूमते गाते नंदभवन पहुंचे और कान्हा के दर्शन करके प्रसन्न हुए। वर्षभर में लाखों श्रद्धालु आसेश्वर महादेव पर पहुंचकर मनौती मांगते हैं। मनोकामना पूरी होने पर भंडारा कराते हैं। इधर शिवरात्रि पर ब्रज के महादेव मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए कस्बे से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु निकले। वृंदावन में यमुना स्नान और गोपेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर श्रद्धालु मथुरा के भूतेश्वर महादेव, गोवर्धन के चकलेश्वर महादेव, राजस्थान कामां में कामेश्वर महादेव पर जल चढ़ाते हुए नंदगांव के आसेश्वर महादेव पहुंचेंगे। यहां जलाभिषेक कर अपनी यात्रा संपन्न करेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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