हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें, इसके लिए विद्यार्थी तैयारी में जुटे हैं। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप पर ऑनलाइन पढ़ाई, परीक्षा के तनाव के कारण करवटें बदलना, ये सब सिर्फ थकान नहीं बढ़ा रहे बल्कि लिवर को भी कमजोर कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि 25 प्रतिशत लिवर से जुड़ी बीमारियों का एक कारण पर्याप्त नींद न लेना भी है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे फैटी लिवर, सूजन और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। जिला अस्पताल में बीते माह से 16 साल से 25 साल तक के प्रतिदिन करीब 20-25 लोग इस समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. सिद्धार्थ धनगर के अनुसार लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थों) को बाहर निकालने, पोषक तत्वों को अवशोषित करने और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। जब हम पूरी नींद नहीं लेते तो लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। कम नींद के कारण लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिससे नॉन-ऐल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) का खतरा बढ़ जाता है। इसका मुख्य कारण उनका अनियमित जीवनशैली, फास्ट फूड का अधिक सेवन और नींद की कमी है।
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Author: Vijay Singhal
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