हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में भक्ति और आस्था की पावन भूमि वृंदावन एक बार फिर अनोखी घटना का साक्षी बनी। मथुरा की 14 वर्षीय किशोरी समृद्धि ने भक्ति का ऐसा उदाहरण पेश किया कि सुनकर हर कोई हैरान रह गया। जन्म से कठिनाइयों का सामना कर रही इस बच्ची ने बांकेबिहारी को अपना भाई बना लिया और उनके यज्ञोपवीत संस्कार की ठानी। किशोरी का अभी तक जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके पिता को बेटे की चाह थी, इस कारण बेटी को जन्म से ही ठुकरा दिया। 14 साल में पिता ने एक बार भी बेटी का चेहरा नहीं देखा। मां दीपा ने उन्हें अकेले पाला। बचपन में अकेलापन उसकी नियति बन गया, लेकिन इसी बीच उनकी भक्ति ने एक नया रास्ता दिखाया। उनकी प्रीत ठाकुरजी से लग गई। जैसे जैसे बड़ी हुईं तो उन्हें भाई की कमी खलने लगी तो उन्होंने ठाकुरजी को अपना भाई मान लिया और उनके साथ खेलना, उनकी सेवा करना उसकी दिनचर्या बन गई। एक दिन जब उन्होंने देखा कि सभी भाइयों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया जाता है, तो उसके मन में भी अपने भाई ठाकुरजी का यज्ञोपवीत संस्कार कराने की इच्छा जागी। उन्होंने यह बात अपनी मां को बताई। मां उन्हें लेकर तटिया स्थान के गुरुजी के पास पहुंचीं और फिर बांकेबिहारी मंदिर में ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी छोटू भइया को यह बात बताई। इस अनूठी भक्ति से प्रभावित होकर गुरुजी और गोस्वामी छोटू भइया ने इस कार्य की अनुमति दे दी। मां-बेटी ने पूरे मन से तैयारियां शुरू कर दीं। अब 19 फरवरी को मसानी रोड स्थित समृद्धि हाउस में यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन कराया जा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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