हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हादसे के बाद मथुरा से गए कई श्रद्धालु संगम में बिना स्नान के ही लौट आए। उन्हें 40 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर ही डुबकी लगाई। बृहस्पतिवार को यहां आने के बाद श्रद्धालुओं ने आपबीती सुनाई। बृहस्पतिवार को जंक्शन पर ग्वालियर सुपरफास्ट एक्सप्रेस दोपहर 12 बजे पहुंची तो ट्रेन से आईं श्रद्धालु सुनीता देवी ने बताया कि वह 28 जनवरी को महाकुंभ स्नान के लिए गई थीं, लेकिन प्रयागराज स्टेशन से ही प्रशासन ने स्नान को नहीं जाने दिया, इससे वह कुंभ जाए बिना ही लौट आईं। झांसी निवासी शिवेंद्र कुमार ने महाकुंभ के मंजर की कहानी बयां करते हुए कहा कि वहां ऐसा माहौल था जिसे कभी भूल नहीं सकता हूं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज स्टेशन पर भीड़ का सैलाब उमड़ा तो घबराहट होने लगी। कई लोग तो चिल्लाने लगे। भीड़ होने के कारण कई ट्रेनों को पहले ही रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि झांसी से अपने दोस्तों के साथ स्नान के लिए गए थे, लेकिन हो नहीं पाए। ट्रेन से उतरे आदेश कुमार ने बताया कि पहली बार महाकुंभ गए थे, लेकिन 40 किलोमीटर पहले ही गंगा घाट से स्नान करके लौटना पड़ा। भगदड़ के चलते पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया।
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Author: Vijay Singhal
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