हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन के मंदिरों की नगरी अब होली के रंगों में सराबोर होगी। बसंत पंचमी (तीन फ़रवरी) से मंदिरों में अबीर ग़ुलाल उड़ने लगेगा। ठाकुर बांकेबिहारी महाराज इस दिन दोनों गालों पर ग़ुलाल लगवाकर भक्तों को दर्शन देंगे। पंचमी से धुलैंडी तक बिहारीजी को रोजाना ग़ुलाल का प्रसाद लगाकर भक्तों पर बरसाया जायेगा। बसंत पंचमी से मंदिरों की नगरी में होली की शुरुआत हो जाएगी। मंदिरों में अबीर ग़ुलाल उड़ना शुरू हो जायेगा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सेवायत गोस्वामी थाली में प्राकृतिक ग़ुलाल रखकर ठाकुरजी को भोग लगाएंगे और फिर ठाकुरजी के दोनों गालों पर ग़ुलाल लगाकर भक्तों पर बरसाएंगे। यह क्रम पंचमी से शुरू होकर धुलैंडी तक चलेगा, जबकि रंगभरनी एकादशी से रंगों की भी शुरुआत हो जाएगी। मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी को श्रंगार आरती के बाद से अबीर गुलाल का बरसना शुरू हो जाएगा। इस दिन से ठाकुरजी के दोनों गालों पर ग़ुलाल लगाया जायेगा और 40 दिवसीय होली उत्सव के दौरान धुलैंडी तक गालों पर रंग लगा दिखाई देगा। रंगभरनी एकादशी से रंगों की भी शुरुआत हो जाएगी और 14/15 मार्च तक होली का आयोजन मनाया जायेगा। वृंदावन में शाहजी मंदिर में बसंती पंचमी के दिन बसंती कमरा खुलेगा जिसमें ठाकुर श्रीराधारमण महाराज रंगबिरंगी रौशनी से सजे कमरे में दर्शन देंगे। मंदिर के प्रबंधक प्रशांत शाह ने बताया कि तीन फरवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 तक, सायं पांच से नौ बजे तक, चार फरवरी को सायं पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक बसंती कमरा खुलेगा।
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Author: Vijay Singhal
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