हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में नगर निगम और यातायात पुलिस के बीच तालमेल के अभाव में नगर में ई-रिक्शा यात्रियों एवं नगरवासियों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। जहां क्षमता से कई गुना ज्यादा ई-रिक्शों ने यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है, वहीं चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। नगर में 2200 ई-रिक्शा एआरटीओ द्वारा रजिस्टर्ड चल रहे हैं, जबकि लगभग 2500 ई-रिक्शा बगैर किसी रजिस्ट्रेशन के नगर में चल रहे हैं। यातायात पुलिस और नगर निगम की अनदेखी के चलते नगर की तंग गलियों और बाजारों में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शों के कारण दिनभर तिराहे-चौराहों और बाजारों में जाम लगा रहता है। इससे जहां नगर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है वहीं व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का मार्ग पर चलना भी दुश्वार हो गया है। इतना ही नहीं विभागों के बीच तालमेल के अभाव और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण ई-रिक्शा एक किलोमीटर से भी कम दूरी का एक व्यक्ति से यात्री किराया सौ रुपये वसूल रहे हैं। गेस्ट हाउस संचालक आनंद शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा नगर की बड़ी समस्याओं में से एक है। नगर में पांच सौ ई-रिक्शा का संचालन होना चाहिए वहां लगभग पांच हजार ई-रिक्शाओं का संचालन हो रहा है। वहीं यात्रियों से निर्धारित किराए से दस गुना किराया वसूल कर रहे हैं। स्थानीय निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि टटिया स्थान से रंगजी मंदिर की लगभग पांच सौ मीटर दूरी होगी। पांच यात्रियों को इस दूरी तय करने पर ई-रिक्शा ने सात सौ रुपये वसूल कर लिए। इस तरह यात्रियों और ई-रिक्शा संचालकों के बीच यात्री किराये को लेकर झगड़ा आम बात है। अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने बताया कि नगर में ई-रिक्शा संचालन और किराए का निर्धारण का कार्य यातायात पुलिस का है। इस मामले से नगर निगम का कोई सरोकार नहीं है।शौर्य कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा, यातायात पुलिस का कार्य ई-रिक्शों का यात्री किराया निर्धारण और उस पर नियंत्रण करने का नहीं है। यह कार्य नगर निगम का है। पुलिस का कार्य यातायात नियमों के अनुसार उनका संचालन कराना है।
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Author: Vijay Singhal
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