• Thu. Feb 12th, 2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि गर्व ग्रह तक पहुंचने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र की परपोती ने बदला भेष पड़ी हनुमान चालीसा

ByVijay Singhal

Dec 7, 2022
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। माथे पर प्रभु श्रीकृष्ण के नाम का सिंदूर, गले में माला और हाथों में चूड़ियां खनखनाती हुईं अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की परपोती राज्यश्री चौधरी पुलिस के सख्त पहरे को धता बताकर नियत समय पर श्री कृष्ण जन्मस्थान के गर्भगृह पहुंचीं। हनुमान चालीसा का पाठ किया। राज्यश्री ने यह कार्य वेश बदलकर किया। इसके बाद गेट संख्या-1 पर सेल्फी ली और कृष्ण लला को प्रणाम कर दिल्ली चलीं गईं। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जन्मस्थान पर हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा को देखते हुए श्री कृष्ण जन्मस्थान ईदगाह पर चप्पे-चप्पे पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। दिल्ली से मथुरा (जन्मस्थान) तक पहुंचने के लिए अविवाहित राज्यश्री ने एक शादीशुदा महिला का वेश धरा। माथे पर सिंदूर और हाथ में चूड़ियां पहनीं और ट्रैक्टर की लॉरी को अपना वाहन बनाया। जिसने उन्हें वृंदावन में उतार दिया। वृंदावन से वह ई-रिक्शा से मथुरा आईं। ई-रिक्शा ने मसानी पर छोड़ दिया। जहां से वह पैदल कई बार भटकीं और फिर श्री कृष्ण जन्मस्थान के गेट संख्या-3 पर नियत समय 12.30 बजे  पहुंच गईं। गेट पर सुरक्षाकर्मियों से घूंघट की आड़ लेते हुए राज्यश्री ने अपना परिचय आर चौधरी फ्रॉम कोलकाता दिया। अपना मोबाइल फोन , सामान रखा और हाथ में फूल माला लेकर प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म स्थान पर पहुंच गईं। कुछ देर पूजा की, हनुमानजी का आह्वान किया और संकीर्तन मंडल को 100 रुपये न्योछावर किए और वापस आ गईं। इस सफर में उनके पैरों में छाले भी पड़ गए। उन्होंने बताया कि वह जिस हालत में जन्मस्थान पहुंची, उससे ऐसा लगता है जैसे देश के विभाजन के समय सीमा पार कर रही हों। उन्हें लगा कि यह हिंदू राष्ट्र नहीं है और न ही हिंदू पक्ष की सरकार है। वह हिंदू भाइयों से किया हुआ वायदा पूरा करने आई थीं और अगली दफा कार सेवकों की याद में असली श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कार सेवा करेंगी।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.