हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना, 26 अक्टूबर: श्री राधारानी की प्रिय सखी श्रीललिता जू के मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद् भागवत रस सिंधु कथामृत में भक्त प्रहलाद और भगवान नरसिंह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। ठाकुर श्री ललित बिहारी जी के सानिध्य में हो रही इस कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ा। कथा प्रवक्ता कनुआ महाराज ने भक्त प्रहलाद के अटूट विश्वास और भगवान की कृपा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान अपने भक्त की पुकार कभी अनसुनी नहीं करते। भक्त प्रहलाद की कथा में यह अद्भुत सत्य सामने आता है, जहाँ भगवान विष्णु ने भक्त की रक्षा हेतु नरसिंह रूप में अवतार लिया। कनुआ महाराज ने कहा कि हिरण्यकशिपु ने भगवान विष्णु को अपना शत्रु मानते हुए प्रहलाद पर अनेक कष्ट किए, परंतु प्रहलाद ने “हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे” का जाप करते हुए अपनी भक्ति बनाए रखी। भगवान ने भी अपने प्रिय भक्त की रक्षा के लिए संध्या के समय, जो न दिन था न रात, नरसिंह रूप धारण कर हिरण्यकशिपु का वध किया। इस अवतार में भगवान ने वह रूप लिया जो न मानव था न पशु, और अपने नखों से हिरण्यकशिपु को मारकर अपने भक्त की रक्षा की। ललिता मंदिर पीठाधीश्वर गोस्वामी कृष्णानंद भट्ट ने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण का महत्त्व बताते हुए कहा, “भागवत कथा का अमृतपान करने से हृदय शुद्ध होता है और भजन में मन लगने लगता है। यह कथा आत्मा को पवित्र कर भगवत प्रेम से जोड़ती है।” यह कथा आयोजन 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन श्रीमद् भागवत कथा के इस अमृत का पान कर रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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