हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नगर के सभी 70 वार्डों में आपातकालीन स्थिति में होने वाले जलकल संबंधी कार्य के लिए ई-टेंडरों पर को निरस्त करने की महापौर की सिफारिश के बाद कार्य अधर में लटके हैं। महाप्रबंधक जलकल की जांच रिपोर्ट के बाद अब नगर आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को पांच दिन में अपनी जांच रिपोर्ट नगर आयुक्त को देना होगी। नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने जलकल के ई-टेंडरों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इस समिति में निगम के अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक, चीफ इंजीनियर निर्माण अमरेंद्र कुमार और सहायक लेखाधिकारी श्यामपाल शामिल हैं। नगर आयुक्त ने इस मामले की जांच के लिए सात दिन का समय दिया है। इसके बाद ई-टेंडरों के लेकर निर्णय लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने यह कार्रवाई महाप्रबंधक जलकल अनवर ख्वाजा द्वारा चार दिन पूर्व की गई मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग के बाद लिया। इससे पहले नगर आयुक्त ने महाप्रबंधक जलकल से ई-टेंडरों की जांच कराई थी। महाप्रबंधक अनवर ख्वाजा ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जलकल विभाग से संबंधी कार्यों की जो निविदाएं आमंत्रित की गईं, वह ऑनलाइन ई-टेंडरिंग के माध्यम की गई। इसके बाद शासन के आदेश के अनुसार टेंडरों की जांच के लिए विभागीय समिति द्वारा टीम गठित की गई। जांच के बाद फार्म से अनुबंध कर काय आदेश जारी किए गए। इस पर महापौर विनोद अग्रवाल ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर टेंडरों को निरस्त करने को कहा था। नगर आयुक्त शशांक चौधरी का कहना है कि दरों को लेकर जलकल विभाग द्वारा जो ई-टेंडर किए गए। उनकी जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
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Author: Vijay Singhal
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