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अग्रबंधु सभा में रार..अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने इस्तीफे दिए

ByVijay Singhal

Oct 25, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा की अग्रबंधु सभा में रार शुरू हो गई है। अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने संस्था के संस्थापक विपिन किरोड़ी को इस्तीफे सौँप दिए हैं। हालांकि कारण स्वास्थ्य और निजी बताए जा रहे हैं पर चर्चा यह है कि उच्च पदाधिकारियों के खराब व्यवहार और अंदरूनी कलह के कारण ऐसा हुआ।
सभा के अध्यक्ष जुगल किशोर अग्रवाल ने अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने कहा कि जब दम घुटने लगे और पदाधिकारियों से विचार न मिलें तो फिर इस्तीफा देना ही बेहतर रहता है। इसके अलावा महामंत्री अवधेश कुमार और कोषाध्यक्ष माधव अग्रवाल ने भी अपने इस्तीफे दे दिए। हालांकि दोनों ने बताया कि उन्होंने अपनी निजी कारणों से इस्तीफे दिए हैं। माना जा रहा है कि यह अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे खींचतान है।
मथुरा में अग्रवाल सभा और अग्रबंधु सभा दो बड़ी संस्थाएं हैं। अग्रबंधु सभा का गठन अग्रवाल सभा में से ही हुआ है। अब अलग अलग संस्थाओं के अपने कार्यक्रम होते हैं और शक्ति प्रदर्शन भी। दोनों अपने अपने कार्यक्रम को भव्य करने के लिए पूरी ताकत लगाते हैं। अग्रबंधु सभा ने अग्रसेन जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया तो इसमें अग्रवाल सभा के कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक बंसल को भी बुला लिया गया। उन्हें सभा के अध्यक्ष जुगल किशोर ने आमंत्रित किया था। उधर, अशोक बंसल के बुलाने से अग्रबंधु सभा के कुछ पदाधिकारी नाराज हो गए और यहां व्यवहार को लेकर कुछ मामला गरमा गया। उस समय तो किसी तरह से मामला संभाला गया पर इससे क्षुब्ध होकर जुगल किशोर ने अपना इस्तीफा दे दिया। अशोक बंसल ने  त्यागपत्र दे दिया।

चर्चा है कि उधर इस प्रकरण पर अग्रवाल सभा की बैठक हुई। सवाल उठे कि आखिर अशोक अग्रबंधु सभा की बैठक में क्यों गए। बताया जा रहा है कि इससे व्यथित होकर अशोक बंसल ने भी त्यागपत्र दे दिया। हालांकि अग्रवाल सभा के मुख्य चुनाव अधिकारी जयंती प्रसाद अग्रवाल का कहना है कि बात चाहे जो हुई हो पर अशोक बंसल ने भी स्वास्थ्य और निजी कारणों से ही इस्तीफा देना बताया है। राजकुमार चयन खींचतान है कारण : मुरारी अग्रबंधु सभा के मुख्य संरक्षक मुरारी अग्रवाल का कहना है कि किसी ने अशोक बंसल के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। न ही जुगल किशोर के साथ ऐसा गलत व्यवहार हुआ। दरअसल अग्रसेन जयंती समारोह के लिए समाज के 18 राजकुमारों का चयन होना था। इसी को लेकर इन सभी में कुछ खींचतान हुई है। सभी लोग एक दूसरे के कार्यक्रम में जाते हैं और किसी का निरादर करने का सवाल ही नहीं उठता।

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Author: Vijay Singhal

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