हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। विदेशों में दो अक्तूबर को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पितृ अमावस्या को कंकड़ सूर्य ग्रहण देश में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक यहां नहीं माना जाएगा। यह ग्रहण विदेशों में दिखाई देगा। ज्योतिष आचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि पितृ अमावस्या के दिन ज्ञात एवं अज्ञात सभी पितरों का श्राद्ध का विधान है। इस दिन श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार की उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस दिन ब्राह्मण भोज, तर्पण आदि से तृप्त हुए पितर आशीर्वाद देते हुए अपने लोगों को वापस चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत के अनुसार एक अथवा तीन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। निर्णय सिंधु ग्रंथ के अनुसार निर्धन व्यक्ति यदि पितरों में आस्था रखता है तो श्राद्ध के दिन गाय को चारा खिलाने से श्राद्ध का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
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Author: Vijay Singhal
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